असम की भाजपाई राजनीति में भूचाल

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केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बीजेपी अध्यक्ष को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर सीधे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। पत्र में केन्द्रीय मंत्री सोनोवाल ने अडानी को 12,000 बीघा जमीन देने के बदले मुख्यमंत्री पद के सौदे का भी जिक्र किया।

आरएसएस पहले ही असम में बीजेपी से दूरी का ऐलान कर चुका है, अब बीजेपी के दूसरे बड़े नेता भी खुलेआम बगावत पर उतर चुके हैं। क्या भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी हिमंता सरकार का अंत करीब है? क्या असम में सत्ता परिवर्तन तय है?

सोनोवालका पूरा पत्र पढ़िये


निरंतर…


असम के पूर्व मुख्यमंत्री वर्तमान में एनडीए सरकार में केंद्रीय मंत्री असम के ताकतवर प्रभावशाली नेता सर्वानंद सोनोवाल का यह पत्र सिर्फ असम में ही नहीं बल्कि राजधानी नई दिल्ली और जहां भाजपा की सरकार है और जिनकी नई दिल्ली से पर्ची नियुक्ति हुई है, सोनोवाल का पत्र उन सभी के दर्द बयां कर रहे हैं…2014 के बाद देश की राजनीति में बड़ा बदलाव आया और साथ ही भाजपा संगठन में भी बड़ा बदलाव आया… 2014 के बाद भाजपा संगठन, बहुमत की सरकार से पूरी तरह नियंत्रित हो गई और वह संगठन आधारित पार्टी नहीं रह गई और अबतक यही प्रतीत हो रहा है, अब 1980-2013 तक बनी भाजपा की विचारधारा को विलोपित कर दिया गया है…

अब भाजपा नेताओं ने भी नेतृत्व के विरुद्ध कुछ नेता खुलकर सामने आ रहे हैं और कुछ 2028 और 2029 में नकारात्मक परिणाम देने की तैयारी कर रहे हैं…
आरएसएस को ठोस निर्णय लेना होगा
संघ को चाहिए कि जल्द से जल्द ठोस निर्णय लेवे और केंद्र सरकार और भाजपा संगठन को जिसे व्यक्तिद्वय द्वारा नियंत्रित कर लिया गया है, उनसे संगठन को मुक्त करा पुनः संघ की विचारधारा के अनुरूप आकार दें।
विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा को झटका
असम विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। हिमंत बिस्वा सरमा सरकार में कैबिनेट मंत्री और हाफलोंग से मौजूदा विधायक नंदिता गोरलोसा ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस जॉइन कर ली है। नंदिता गोरलोसा का यह फैसला, आगामी चुनाव में उनका टिकट कटना है। इस बार भाजपा ने हाफलोंग सीट से रूपाली लंगथासा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। अपने ही चुनाव क्षेत्र से बाहर किए जाने से परेशान गोरलोसा ने मंत्री पद और पार्टी की प्राइमरी मेंबरशिप से इस्तीफा दे दिया।
संगठन के नेता ने छोड़ दिया भाजपा
भाजपा की असम इकाई के पूर्व उपाध्यक्ष जयंता कुमार दास ने पार्टी छोड़ दी है और वह दिसपुर से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं, जहां भाजपा ने कांग्रेस से पाला बदलकर आए प्रद्युत बोरदोलोई को मैदान में उतारा है।
भाजपा का विधायक कांग्रेस में…
कटिगोरा से भाजपा के पूर्व विधायक अमर चंद जैन ने भाजपा द्वारा टिकट न दिए जाने के बाद कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। अब वे कटिगोरा से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।
दिग्गज नेताओं में असंतोष
इस बार भाजपा ने कई वरिष्ठ नेताओं को चुनाव टिकट देने से इनकार कर दिया। इनमें पूर्व राज्य भाजपा अध्यक्ष सिद्धार्थ भट्टाचार्य और पांच बार के विधायक अतुल बोरा जैसे दिग्गज नेता शामिल हैं। वरिष्ठ नेताओं और उनके समर्थकों में व्याप्त असंतोष भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
निष्ठावान नेता चिंतित…
असम भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रूपम गोस्वामी ने असंतुष्टों को लेकर जताई जा रही चिंताओं को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा एक बड़ी पार्टी हैं और हर निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के कई नेता हैं। टिकट के कई दावेदार थे, इसलिए कुछ लोगों को निराशा होना स्वाभाविक है, लेकिन लोग पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। बहुत कम लोग निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ना चाहते हैं और जो लोग चुनाव लड़ना चाहते हैं, वे शायद जोखिम को समझकर अपना नाम वापस ले लें।


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