आतंकवाद-रोधी अधिकारी ने दिया इस्तीफ़ा : ट्रंप से ‘अपनी राह बदलने’ का अनुरोध किया

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[अजय कुमार]

वाशिंगटन :
ट्रम्प प्रशासन के आतंकवाद-रोधी मामलों के शीर्ष अधिकारी ने ईरान के साथ युद्ध का विरोध करते हुए अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है, और राष्ट्रपति से “अपनी नीति बदलने” का आग्रह किया है।

आज मंगलवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एम्स’ पर पोस्ट किए गए एक पत्र में, नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के निदेशक जो केंट ने कहा कि ईरान से अमेरिका को “कोई तत्कालिक खतरा नहीं” है, और दावा किया कि ट्रम्प प्रशासन ने “इज़राइल और उसकी शक्तिशाली अमेरिकी लॉबी के दबाव के कारण यह युद्ध शुरू किया”।
जो केंट : काउंटर टेररिज्म ऑफिसर
45 वर्षीय केंट, अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज और सीआईए के अनुभवी अधिकारी हैं, उनकी पत्नी, नेवी क्रिप्टोलॉजिक टेक्नीशियन शैनन केंट, 2019 में सीरिया में हुए एक आत्मघाती हमले में मारी गई थीं।

व्हाइट हाउस ने इस पत्र को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि इसमें ईरान के बारे में “कई झूठे दावे” किए गए हैं।
ट्रम्प बोले…
आज ओवल ऑफिस में बोलते हुए, ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता था कि केंट एक अच्छा आदमी है, लेकिन सुरक्षा के मामले में कमज़ोर” है।

ट्रंप ने कहा कि केंट के इस्तीफ़े के पत्र से उन्हें एहसास हुआ कि यह अच्छी बात है कि वह अब बाहर है और वह ईरान से जुड़े खतरे के बारे में केंट के आकलन से सहमत नहीं थे।
बड़े ओहदे वाला पहला अधिकारी : केंट
इस्तीफे के साथ ही, केंट ट्रंप प्रशासन के भीतर से ऐसे सबसे बड़े पद वाले व्यक्ति बने, जिन्होंने ईरान में अमेरिका-इज़रायल के ऑपरेशन की सार्वजनिक आलोचना की है।

इस्तीफा में केंट ने कहा कि उन्होंने पहले ट्रंप की विदेश नीति का समर्थन किया था और पिछले साल तक उनका मानना ​​था कि ट्रंप यह समझ गए थे कि मध्य-पूर्व में हुए युद्धों ने अमेरिका के देशभक्तों की कीमती जानें ले लीं और हमारे देश की दौलत और खुशहाली को खत्म कर दिया।

इसके अलावा, केंट ने आरोप लगाया कि इज़राइल के बड़े अधिकारियों और अमेरिका के असरदार पत्रकारों ने गलत जानकारी फैलाई, जिसकी वजह से ट्रंप ने अपनी “अमेरिका फर्स्ट” नीति को कमज़ोर कर दिया।
ट्रम्प को गलत जानकारियां दी गयी
पत्र में आगे कहा गया कि ट्रम्प को विश्वास में लेने के लिये, माहौल ऐसा बनाया गया कि ईरान से अमेरिका को तुरंत खतरा है, यह एक झूठ था।

जो केंट, जो ट्रम्प के लंबे समय से समर्थक रहे और दो बार कांग्रेस का चुनाव लड़ने के बावजूद सफल नहीं हो पाए, उन्हें राष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल की शुरुआत में ही इस पद के लिए नामित किया था। उन्हें बहुत कम वोटों के अंतर से इस पद पर नियुक्त किया गया, क्योंकि कई डेमोक्रेट्स ने प्राउड ब्याज्¹ जैसे चरमपंथी समूहों से उनके संबंधों की आलोचना की थी।

  1. (प्राउड बॉयज़” (Proud Boys) एक अमेरिकी धुर दक्षिणपंथी, पुरुष-प्रधान और नव-फासीवादी संगठन है, जिसे राजनीतिक हिंसा फैलाने के लिए जाना जाता है, 2016 में स्थापित, यह समूह पश्चिमी संस्कृति के समर्थन और “पुरुषत्व” पर गर्व करने का दावा करता है। कनाडा और न्यूजीलैंड में इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।)

शानदार बैकग्राउंड रहा…
राष्ट्रीय आतंकरोधी केन्द्र में, उन्होंने काम किया और दुनिया भर से आने वाले संभावित आतंकवादी खतरों के विश्लेषण और पहचान की देखरेख की।

इससे पहले, केंट अमेरिकी सेना के साथ 11 बार विदेशों में तैनात रह चुके थे, जिसमें इराक में यूएस सेना के विशेष बलों के साथ उनकी तैनाती भी शामिल थी।

बाद में वे सीआईए में एक पैरामिलिट्री अधिकारी बने, लेकिन अपनी पत्नी की मृत्यु के बाद उन्होंने सरकारी सेवा छोड़ दी।
अगली पीढ़ी ऐसा युद्ध ना लड़े
केंट ने अपने पत्र में अपनी सैन्य सेवा में अगली पीढ़ी को ऐसे युद्ध में लड़ने और मरने के लिए भेजने का समर्थन नहीं किया, जिससे अमेरिकी लोगों को कोई फ़ायदा नहीं होता और न ही अमेरिकियों को जान गंवानी पड़े।

ट्रम्प प्रशासन में कई सीनियर अधिकारियों ने इस्तीफ़ा दिया है, जिनमें सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन की एनफ़ोर्समेंट डायरेक्टर मार्गरेट रयान और केनेडी सेंटर के प्रेसिडेंट रिक ग्रेनेल शामिल हैं।

हालाँकि, राष्ट्रपति के दूसरे कार्यकाल में, 2017 से 2021 के बीच व्हाइट हाउस में उनके पिछले कार्यकाल की तुलना में, अधिकारियों के आने-जाने की दर काफ़ी कम रही है।


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