यह कैसा चुनाव प्रचार : चुनावी राज्य में दूसरे प्रदेश के नेता क्या बनाते-बिगाड़ते हैं…

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वाहन छत्तीसगढ़ का : रोड शो पुद्दुचेरी में…
क्या पुद्दुचेरी में वाहन किराये पर नहीं मिलता…
कर्ज लेकर घी पीना : आकाओं को खुश रखना…
नेताओं का आचरण भ्रष्ट : जनता को हो रही अति कष्ट…

[ अजय कुमार ]

अब यह दर्पण की तरह स्पष्ट हो चुका है छत्तीसगढ़ राज्य, केन्द्र में सत्तारूढ़ सरकार का फायनेंस मैनेजर बन चुका है, प्रदेश में सरकार चाहे कांग्रेस की हो या फिर बीजेपी की हो।
छत्तीसगढ़ के धन का दुरुपयोग
छत्तीसगढ़ वासियों के हक धन अन्य राज्यों के चुनाव में खर्च करना कोई नयी बात नहीं है, वर्तमान में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रक्रियागत है, छत्तीसगढ़ सरकार के दो मंत्री अरुण साव और ओपी चौधरी असम चुनाव में व्यस्त हैं, भाजपा प्रदेश प्रभारी अजय जामवाल भी असम में हैं, इनके अतिरिक्त, शेखी बघारने वाले कई छोटे-मोटे नेता असम में हैं।
मुख्यमंत्री का चक्कर ही चक्कर
इसी प्रकार प्रदेश महामंत्री (संगठन) पवन साय और मंत्रीy विजय शर्मा पश्चिम बंगाल में हैं, दुर्ग केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन भी पश्चिम बंगाल में हैं और छत्तीसगढ़ विमानन विभाग बता रहा है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तो पांचो राज्यों में चक्कर पर चक्कर लगा चुके हैं।
रुपया वसूली का आरोप
बता दें कि दुर्ग केन्द्रीय सहकारी बैंक के बेमेतरा जिले में नोडल अधिकारी पर ₹3.00 प्रति क्विंटल धान के विरुद्ध सहकारी समितियों से वसूली करने का‌ आरोप सामने आया है।
जिसमें नोडल अधिकारी यह कहकर वसूली कर रहा है कि ऊपर से मुख्यमंत्री-मंत्री-उच्चाधिकारी का रुपया पहुंचाने का दबाव है, ऐसी ही पुष्ट-अपुष्ट खबरें अन्य जिलों से भी मिली है, किसी अधिकारी की इतनी हिम्मत नहीं कि वह बिना राजनैतिक संरक्षण के रुपया वसूली कर सके, किन्तु किया तो जा रहा है, विश्वसनीय सूत्र ही बता रहे हैं।
कर्ज ही कर्म … : कर्ज ही पूजा
छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 1 लाख 65 हजार करोड़ का बजट पेश किया है, इसमें से 74 प्रतिशत सरकारी कर्मचारियों, नेताओं को मिलने वाले वेतन भत्ते, योजनाओं के अनुदान और लोगों को दी जाने वाली सब्सिडी में खर्च होगा अर्थात् यानी करीब 1 लाख 23 हजार 750 करोड़, इन्हीं खर्चों में चला जाएगा। इसके बाद जो बचेगा वो विकास के कामों में लगेगा।
लोन पर लोन : ब्याज पटायेगा कौन ?
इस बार के बजट आंकड़ों के मुताबिक सरकार करीब 23 हजार करोड़ का लोन लेगी। छत्तीसगढ़ की विधानसभा में सरकार की ओर से दिए गए ब्योरे के मुताबिक प्रदेश पर कुल 98 हजार 757 करोड़ रुपए कर्ज है।

अब इस तरह कर्ज लेकर घी पीने के पीछे का एकमात्र कारण भ्रष्टाचार ही है, यही भ्रष्ट धन दूसरे राज्यों के चुनाव में, अपने दिल्ली आकाओं को प्रसन्न रखने में खर्च किया जाता है।
छत्तीसगढ़ फायनेंस मैनेजर है
इन सबके बावजूद छत्तीसगढ़ पूरे देश में जिन-जिन राज्यों में विधानसभा के चुनाव संपन्न होंगे, वहां के फायनेंस मैनेजर या नंबर वन एटीएम बने रहेंगे।
प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के वाहन में सवार : पुद्दुचेरी में रोड शो


यदि आप उपरोक्त बातों पचा नहीं पा रहे हैं तो फोटो में देखिये देश के प्रधानमंत्री जिस वाहन में चढ़कर जनसंपर्क कर रहे हैं, उसका नंबर का है, जो तेलीबांधा, रायपुर के पते पर पंजीकृत है। यही नहीं कोलकाता के एक पत्रकार मित्र बता रहे हैं कि दूसरे राज्य से चुनाव में पश्चिम बंगाल पधारे नेताओं का स्वागत वहां गाली-गलौच से किया जा रहा है, आयातित नेताओं को पश्चिम बंगाल की जनता ने घर/होटल/कार्यालय से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं, यह सभी दलों के नेताओं पर लागू है।


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