[ अजय कुमार ]
डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध खत्म करने की बातचीत में प्रगति का दावा किया, फिर से भीषण हमलों की धमकी दी, ट्रम्प 15-20 मिनट के प्रेस वार्ता में ही अपने बयान कई बार बदल देते हैं, लेकिन चूंकि दुनिया में भारत को छोड़ और कहीं गोदी मीडिया नहीं है, इसलिए दुनिया के सामने सच्चाई आ जाती है।
गलतफहमी में डोनाल्ड ट्रम्प
राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को कहा कि ईरान 20 और तेल कार्गो जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने की इजाज़त देने पर सहमत हो गया है, जो तेल और गैस के लिए एक ज़रूरी शिपिंग रूट है। इससे तेहरान का यह फ़ैसला इस बात का संकेत है कि युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत चल रही है, ट्रम्प यहां झूठ बोल रहे हैं कि युद्ध खत्म करने की बातचीत चल रही है, ईरान के सरकारी प्रवक्ता के अनुसार कोई बातचीत नहीं चल रही है।
ट्रम्प के बयान के कुछ घंटों बाद, दो चीनी मालिकाना हक वाले जहाज़ों ने ईरान के साथ सीमा पर तनाव पैदा कर दिया।
चीन का जहाज़ : जद्दोजहद के बाद निकला
जहाज़ों को ट्रैक करने वाले प्लेटफ़ॉर्म ‘मरीन ट्रैफ़िक’ के अनुसार, चीन के मालिकाना हक वाले दो कमर्शियल जहाज़, जिन्होंने शुक्रवार को जलडमरूमध्य से गुज़रने की कोशिश छोड़ दी थी, सफलतापूर्वक इस जलमार्ग से गुज़र गए। इन जहाज़ों के गुज़रने से यह शुरुआती संकेत मिला कि ईरान शायद होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपनी असल पकड़ को ढीला कर रहा है, इस पकड़ की वजह से, एक महीने पहले जब से अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमले शुरू किए हैं, तब से तेल और गैस की कीमतें 50 प्रतिशत से भी ज़्यादा बढ़ गई हैं।
आज सोमवार को भी लड़ाई जारी रही
सोमवार को भी लड़ाई जारी रही, क्योंकि इज़राइल ने ईरान पर अपनी हवाई बमबारी जारी रखी, जिसके जवाब में ईरान ने पूरे क्षेत्र में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन की बौछार कर दी, इजराइल में बिजली व्यवस्था ढप्प हो गयी है।
हमारे गैर-जैविक बनाम अमेरिकी जैविक प्रधान के बयानों में समानता
(दोनों देशों के जनमन के मुताबिक महा-झूठे : जबरदस्ती सम्मान के जबरदस्त आकांक्षी )
हमारे वाले गैर-जैविक प्रधान से बड़ा जैविक ट्रम्प ने रविवार रात ‘एयर फ़ोर्स वन’ में पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के प्रति “सम्मान के प्रतीक” के तौर पर, सोमवार से जहाज़ों को वहाँ से गुज़रने की अनुमति देने पर सहमति जताई है।
ईरानी सेना ने इस जलमार्ग को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे दुनिया का लगभग पाँचवाँ हिस्सा तेल गुज़रता है और यह कदम अमेरिका-इज़राइल के हमलों के जवाब में उठाया गया है।
मैरीन ट्रैफिक सिस्टम पूछ रहा है ? : कहां … ट्रम्प जी…
ट्रम्प ने तो बोल दिया, लेकिन यह साफ़ नहीं हुआ कि ये 20 मालवाहक जहाज़ किसके थे या वे कहाँ जा रहे थे, क्योंकि मैरीन शिप ट्रेकर ने मीडिया को ऐसी कोई जानकारी अबतक नहीं दी है, चीन और भारत, ईरानी कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में से हैं। पिछले हफ़्ते ईरान ने लगभग 10 जहाज़ों को जलडमरूमध्य से गुज़रने की अनुमति दी थी, जिसे ट्रंप ने भी एक प्रगति के तौर पर पेश किया था।
ट्रम्प बोले बातचीत जारी : ईरान पूछा किससे हो रही है बातचीत
आज सोमवार को, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान के साथ किसी समझौते तक पहुँचने की दिशा में “काफ़ी प्रगति” हो रही है (जबकि ईरान ने किसी समझौता बातचीत से मना कर दिया है)। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई समझौता नहीं हो पाता है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के “बिजली पैदा करने वाले संयंत्रों, तेल के कुओं और खर्ग द्वीप” पर बमबारी करेगा, जहाँ से ईरान अपने तेल का ज़्यादातर हिस्सा निर्यात करता है।
अमेरिकी सेना बोली कि हजारों सैनिक ईरान के करीब
दो अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, एक दिन पहले ही सैकड़ों अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस सैनिक मध्य-पूर्व में पहुँच गए हैं, जिससे ट्रंप को युद्ध को और तेज़ करने के नए विकल्प मिल गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक जिन्होंने ऑपरेशन से जुड़े मामलों पर बात करने के लिए अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर जानकारी दी, आर्मी रेंजर्स और नेवी सील्स समेत ये कमांडो, पहले से मौजूद हज़ारों मरीन और आर्मी पैराट्रूपर्स के साथ शामिल हो गए हैं, लेकिन उन्हें अभी तक कोई खास मिशन नहीं सौंपा गया है।