[ अजय कुमार ]
ट्रंप ने एक्जीअस (मीडिया ग्रुप) से कहा कि बास्टर्ड ईरान से समझौता मंगलवार तक संभव है, नहीं तो मैं सब कुछ खत्म कर दूंगा।
एक्जीअस ने कल रविवार को बताया कि अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय मध्यस्थों का एक समूह 45 दिनों के संभावित संघर्ष-विराम की शर्तों पर चर्चा कर रहा है, जिससे युद्ध का स्थायी अंत हो सकता है। एक्जीअस ने बातचीत की जानकारी रखने वाले चार अमेरिकी, इजरायली और क्षेत्रीय सूत्रों के हवाले से यह रिपोर्ट दी है।
व्हाइट हाउस और अमेरिकी विदेश विभाग ने टिप्पणी के लिए मीडिया के अनुरोधों पर तत्काल कोई जवाब नहीं दिया।
दो चरणों में समझौता : मीडियेटर
रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्यस्थ दो चरणों वाले एक समझौते की शर्तों पर चर्चा कर रहे हैं, इसमें यह भी जोड़ा गया है कि पहला चरण संभावित रूप से 45 दिनों का युद्धविराम होगा, जिसके दौरान युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने पर बातचीत की जाएगी।
रिपोर्ट के अनुसार, दूसरा चरण युद्ध को समाप्त करने के समझौते पर आधारित होगा, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यदि बातचीत के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता हुई, तो युद्धविराम की अवधि बढ़ाई जा सकती है।
ट्रम्प धमका रहे हैं…

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ को बताया कि ईरान के लिए उनकी समय सीमा मंगलवार शाम तक है या तो वह ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को खोल दे, अन्यथा अपने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर हमलों का सामना करना पड़ेगा।
ईरान ने फिर मार गिराया अमेरिकी विमान
वहीं ईरानी सैन्य अधिकारियों ने कल रविवार को बताया कि ईरान के इस्फ़हान प्रांत के दक्षिणी हिस्से में, एक फंसे हुए एयरमैन को खोजने के लिए चलाए गए अमेरिकी अभियान के दौरान, कई अमेरिकी विमान नष्ट हो गए।
अमेरिकी अधिकारियों ने शनिवार देर रात रॉयटर्स को बताया कि एक दूसरे एयरमैन को बचा लिया गया है, शुक्रवार को ईरान में इस एयरमैन का एफ-15 जेट मार गिराया गया था। यह बचाव अभियान, पहले क्रू सदस्य को सुरक्षित निकाले जाने के ठीक एक दिन बाद पूरा हुआ।
ड्रोन भी नष्ट किया : ईरान
ईरानी सशस्त्र बलों की संयुक्त कमान के प्रवक्ता ने कहा, कि जमीन पर मौजूद विशेषज्ञों द्वारा की गई अतिरिक्त जांच से पता चला है कि अमेरिकी सेना के दो सी-130 सैन्य परिवहन विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर, हमारी सेनाओं द्वारा नष्ट कर दिए गए।
इस्फ़हान प्रांत में एक इज़राइली हर्मेस-900 ड्रोन और एक अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराया गया।
ईस्टर का चमत्कार
रविवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका के अधिकारियों ने ईरान से एक अमेरिकी एयरमैन को बचाए जाने की घटना को “ईस्टर का चमत्कार” बताया। उन्होंने इस ऑपरेशन को धार्मिक नज़रिए से पेश किया, जिसमें युद्ध को एक नेक मकसद और ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त कार्य के रूप में दर्शाया गया।
धर्म का सहारा
अमेरिकी प्रशासन पहले आमतौर पर पोस्टकार्ड-शैली में ईस्टर की शुभकामनाएं जारी करते थे आलोचकों का कहना है कि इस बार अधिकारियों के संदेशों ने आस्था और नीति के बीच की सीमा को धुंधला कर दिया है, उन्होंने युद्ध को सही ठहराने और सेना के आचरण को दिशा देने के लिए धर्म का सहारा लिया है।