लोकसभा-राज्यसभा का विशेष सत्र बुलावा : सूत्र

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[ बालमुकुंद शर्मा ]

लोकसभा विशेष सत्र

  • बजट सत्र गुरुवार को खत्म हुआ।
  • लेकिन सत्र अनिश्चित काल के लिए स्थगित नहीं हुआ।
  • सरकार अप्रैल के तीसरे हफ़्ते में इसे 2-3 दिनों के लिए फिर से बुलाने की योजना बनाई है।
  • लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 816 करने की योजना है, जिसमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
  • ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में संशोधन के लिए एक संवैधानिक संशोधन विधेयक लाया जाएगा।
  • परिसीमन अधिनियम में बदलाव के लिए एक और विधेयक लाया जाएगा
  • निर्वाचन क्षेत्रों का फिर से निर्धारण 2011 की जनगणना पर आधारित होगा

देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रक्रियाधीन हैं और इसमें अंतिम मतदान की तारीख पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल 2026 है।
लोकसभा-राज्यसभा का विशेष सत्र
केंद्र सरकार 16 से 18 अप्रैल तक संसद का एक विशेष सत्र बुलायी है। संसद सूत्रों के अनुसार, इस सत्र में एक ऐसा बिल पेश किया जा सकता है, जिसके तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 कर दी जाएगी, ताकि इनमें से 273 अर्थात 33 प्रतिशत सीटें लोकसभा और सभी विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकें और साथ देश में परिसीमन आयोग के गठन के विषय में सरकार विधेयक लाने जा रही है

दोनों विधेयकों का सीधा असर उपरोक्त पांच राज्यों की विधानसभा चुनावों में खासकर असम और पश्चिम बंगाल में प्रभावित होने के पूर्ण संभावना है।
लोकसभा-विधानसभाओं की सीटों में अनुपातिक बढ़ोतरी
वर्तमान में लोकसभा के 543 लोक सभा सीट है और नव निर्मित लोकसभा में 820 लोकसभा के सदस्य बैठ सकते हैं।

प्रस्तावित बदलावों में अधिनियम को तेज़ी से लागू करने के लिए, इसे 2011 की जनगणना से जोड़ना और संभावित रूप से लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या में आनुपातिक आधार पर 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी करना शामिल है।
देश में जनगणना प्रारंभ
हालांकि देश में जनगणना की कार्यवाही प्रारंभ हो चुकी है और इसके समाप्त होते ही परिसीमन आयोग अपना काम प्रारंभ कर सकता है, यदि इसका गठन होता है तो जिसकी बहुत ज्यादा संभावना है, इसी तरह राज्यों के विधानसभा की सीटें भी प्रभावित होगी, सभी राज्यों में विधानसभा की सीट बढ़ जाएगी, इसके पूर्व जो परिसीमन आयोग बनाया गया था।

तब ए. एन. गोपालस्वामी इसके अध्यक्ष थे और उन्होंने जो केंद्र सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, उसमें उन्होंने सुझाव दिया था कि 75 हजार मतदाता के बीच एक विधानसभा क्षेत्र और 6 लाख मतदाता के पीछे एक लोकसभा क्षेत्र बननी चाहिए, अब सरकार क्या निर्णय लेती है यह तो आने वाले समय में पता चलेगा लेकिन लोकसभा और विधानसभा की सीटें सभी राज्यों में बढ़ेगी, जिसमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है।
छत्तीसगढ़ में 120 विधानसभा सीट होंगी
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 90 विधानसभा क्षेत्र है और 11 लोकसभा क्षेत्र है विधानसभा क्षेत्र 120 होने की संभावना है ठीक इसी अनुपात में लोकसभा क्षेत्र भी बढ़ जायेगी।
दक्षिण के राज्यों का विरोध
हालांकि दक्षिण के राज्यों, जिसमें केरल, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक हैं, उनका इस प्रस्ताव पर विरोध है इन राज्यों का कहना है कि केंद्र सरकार की जनसंख्या नियंत्रण कानून, नसबंदी के नियमों का पालन किया, इसलिए इन राज्यों में जनसंख्या नहीं बढ़ी और उत्तर भारत में जनसंख्या तेजी से बड़ी है और इसका पूरा लाभ लोकसभा क्षेत्र के संख्या विस्तार में उत्तर भारत को मिलेगा, इससे दक्षिण भारत को नुकसान होगा, यह विषय लोकसभा और राज्यसभा में भी आ सकता है, लेकिन सरकार बहुमत के आधार पर इसे खारिज कर सकती है और परिसीमन आयोग का गठन करके लोकसभा और विधानसभा सीट बढ़ाने का निर्णय ले सकती है, जिसकी बहुत अधिक संभावना है।
अभी बातचीत सबसे नहीं हुई : अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले हफ़्ते एनडीए के सहयोगियों और विपक्ष के कुछ फ्लोर लीडर्स के साथ चर्चा की थी, लेकिन कांग्रेस और टीएमसी के साथ चर्चा अभी बाकी थी।
बजट का दूसरा सत्र…?
बजट सत्र का दूसरा चरण 09 मार्च को शुरू होकर 02 अप्रैल तक चला, लेकिन सत्र के अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने की घोषणा नहीं की गयी है।
अब देश को इंतजार है कि 16 से 18 अप्रैल तक सरकार का क्या रुख रहेगा, हालांकि सरकार ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। लेकिन पीटीआई और संसद टीवी से मिली जानकारी के मुताबिक यह तय है कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण और लोकसभा एवं विधानसभा की सीटें बढ़ाने के लिये, निर्णय की दृष्टि से ही यह लोकसभा और राज्यसभा का सत्र आमंत्रित किया गया है।
क्या परिसीमन आयोग का गठन विधेयक प्रस्तुत होगा
यदि यह विधेयक लोकसभा और राज्यसभा में पास होता है और राष्ट्रपति की हस्ताक्षर होते हैं और परिसीमन आयोग का गठन होता है, तो पूर्ण संभावना है कि समय सीमा में परिसीमन आयोग केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट दे देगी।
चुनाव नये नियमों से होगा
2028 के विधानसभा चुनाव जो मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के होंगे, उसमें बढ़ी हुई विधानसभा क्षेत्रों के अनुसार चुनाव हो सकते हैं और 2029 के लोकसभा चुनाव भी बढ़ी हुई, लोकसभा क्षेत्र के अनुसार हो सकते हैं।


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