(अजय कुमार)
सोशल मीडिया एकाउंट एक्स पर भारत सरकार की एक सच्चाई सामने आयी है, ईरानी विदेश मंत्रालय के एक प्रतिनिधि ने 12 मार्च को यह स्पष्ट कह दिया था कि नरेन्द्र मोदी सरकार अमेरिका और इजराइल का पिठ्ठू देश है, इसलिए ईरान के लिए भारत महत्वपूर्ण नहीं है, मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष में भारत सरकार ने कोई योगदान नहीं दिया है।
भारत की जनता, ईरान के साथ खड़ी है, भारतीय जनता को ईरान के सुप्रीम लीडर और 175 मासूम बच्चियों की मौत का गहरा दुःख है और स्वतंत्र पत्रकारों के ईरान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण एवं भारतीय जनता का सोशल मीडिया में ईरान के प्रति सहानुभूति और प्रेम ने ईरान को भारतीय ईंधन व गैस के टैंकरों को स्ट्रेट आफ होर्मुज से गुज़रने की अनुमति दी है।
ईरानी प्रतिनिधि से बार करते हुए एक पत्रकार की बातचीत हिस्सा, जो सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया गया उसका लिंक और हिन्दी अनुवाद आपके सामने है।
रिपोर्टर: क्या आप भारत के लिए कुछ रियायतें देंगे?
ईरानी प्रतिनिधि: हमने देखा कि ज़्यादातर
भारतीयों की हमारे प्रति सहानुभूति है; उन्होंने अमेरिका के युद्ध की निंदा की और बच्चों पर हुए हमलों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई।
हमने ईरान को यह संदेश दिया कि जिन भारतीयों ने हमारा समर्थन किया था, उन्हें गैस की ज़रूरत है; सरकार ने इसकी अनुमति दे दी।
नो मोदी
नो जयशंकर
बल्कि सिर्फ़ भारत की जनता—जिन्होंने ईरान का समर्थन किया और उनके साथ खड़ी रही—वही एकमात्र वजह है जिसके चलते ईरान ने भारतीय जहाज़ों को होर्मुज़ से गुज़रने की अनुमति दी।
ईरान ने भारतीय जहाज़ को होर्मुज़ से गुज़रने की इजाज़त सिर्फ़ इसलिए दी, क्योंकि भारत के लोगों ने ईरान का समर्थन किया और उनके साथ खड़े रहे।
ईरानी प्रतिनिधि ने मोदी, जयशंकर या भारत की किसी भी नीति और कूटनीतिक रणनीति का ज़िक्र तक नहीं किया।
उन्होंने जहाज़ को गुज़रने की इजाज़त देने के लिए सिर्फ़ भारत के लोगों और उनकी हमदर्दी को ही श्रेय दिया।