रायपुर : 24 दिसंबर 2025 को केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया “पेसा कानून” को 29 वर्ष होने जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के बस्तर, सरगुजा संभाग, रायगढ़ जिला और अन्य अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ की सरकार पेसा कानून सख्ती से लागू करने का घोषणा कर चुकी है और यह बात प्रदेश के पंचायत मंत्री विजय शर्मा, मीडिया के समक्ष दोहरा चुके हैं।
पंचायत मंत्री के दिशा-निर्देश
राजधानी रायपुर में पंचायत मंत्री ने राजस्व विभाग, पंचायत विभाग, वन विभाग और संबंधित अन्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर 24 दिसंबर 2025 से छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में लागू होने वाले पेसा कानून के बारे में विचार व्यक्त कर चुके हैं और उपरोक्त विभागों के अधिकारियों को दिशा निर्देश दे चुके हैं…
मूल या संसोधित पेसा कानून
अब बस्तर संभाग सहित प्रदेश के अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में यह चर्चा जोरों से है कि छत्तीसगढ़ की सरकार 2022 में संशोधित पेसा कानून को लागू करने जा रही है या केंद्र सरकार के द्वारा 29 वर्ष पूर्व बनाया गया मूल कानून को…
अधिकारियों के मुताबिक 2022 में संसोधित पेसा कानून
मंत्रालय के उपरोक्त विभागों के अधिकारियों से हुई चर्चा के अनुसार उनका कहना है कि 24 दिसंबर 2025 को 2022 में छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा जो संशोधित पेसा कानून को ही लागू किया जा रहा है…
समीक्षा जारी है…
अधिकारियों ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार का पंचायत विभाग इसकी समीक्षा कर रहा है और कुछ संशोधन भी भविष्य में किया जा सकता है संभावना है कि फरवरी-मार्च 2026 के बजट सत्र में पंचायत मंत्री विधानसभा के पटल पर रख सकते हैं और विधानसभा में संशोधन कर उसे कानून का अमली जामा दिया जा सकता है, लेकिन क्या संशोधन होने वाला है यह तो उपरोक्त विभाग और पंचायती विभाग ही बता सकते हैं…
तेलंगाना में सम्मेलन
देशभर के जिसमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है पेसा कानून को लेकर विशाखापट्टनम तेलंगाना में इसी महीने एक बैठक रखी गई है जिसमें देश के अन्य 10 राज्यों, जहां यह कानून लागू है, के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे, वहां इस पर गंभीर चर्चा होगी….
सुकमा में जनप्रतिनिधी जुटेंगे
छत्तीसगढ़ सरकार का पंचायत विभाग 24 दिसंबर 2025 को बस्तर संभाग के अंतिम जिला सुकमा में बस्तर संभाग के 7 जिलों के कुछ चिन्हित निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों का एक कार्यक्रम रखा है, जिसे मार्गदर्शन देने के लिए ट्रेनर के रूप में मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों से विशेषज्ञों को बुलाया गया है…
24 दिसंबर को जगदलपुर सहित प्रदेश के अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में पेसा कानून के राष्ट्रीय दिवस जिसे 29 वर्ष हो चुके हैं को लेकर अनुसूचित जनजाति वर्ग के सर्व आदिवासी समाज के लोग भी सम्मेलन करने जा रहे हैं।