[ अजय कुमार ]
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते, कम से कम 38 भारतीय झंडे वाले जहाज़, जिनमें 1,109 क्रू सदस्य (नौसैनिक) सवार हैं और जो ज़्यादातर कच्चा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलेनजी) ला रहे हैं, सभी जहाज हॉरमुज़ जलडमरूमध्य के आस-पास के इलाके में फँस गए हैं।
अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये जहाज़ या तो फ़ारसी खाड़ी में हैं या फिर ओमान की खाड़ी में, इनमें से कुछ जहाज़ माल का इंतज़ार कर रहे हैं, जबकि कुछ पहले से ही पूरी तरह से लदे हुए हैं।
इंडियन नेशनल शिपओनर्स एसोसिएशन हलाकान
02 मार्च से जहाजों की आवाजाही बंद है तब से भारत सरकार से अनुरोध किया जा रहा है, इंडियन नेशनल शिपओनर्स एसोसिएशन ने एक बयान में जहाज़ों की मौजूदगी की पुष्टि की और इस मामले में भारत सरकार से दखल देने की मांग की।
लेकिन फिलहाल भारत सरकार के बस की बात है कि नहीं, यह अस्पष्ट है, विदेश रणनीतिक गलतियों की वजह से भारत सरकार के राजनयिक और प्रशासनिक प्रतिनिधि किससे बात करें, असमंजस में हैं।
एसोसिएशन का दबाव
एसोसिएशन ने दबावपूर्वक भारत सरकार से कहा, “हमें पता चला है कि देश की ज़रूरतों को पूरा करने वाले, इस इलाके में करीब 38 भारतीय झंडे वाले जहाज़ मौजूद हैं… इन भारतीय जहाज़ों पर भारतीय नाविक सवार हैं। हमारी गुज़ारिश है… कि इन भारतीय जहाज़ों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से सुरक्षित रास्ता दिलाने में मदद की जाए।”
इससे पहले, शिपिंग महानिदेशालय ने ओमान बंदरगाह के पास हमलों में विदेशी झंडे वाले जहाजों पर सवार तीन भारतीय नाविकों की मौत और एक के घायल होने की पुष्टि की थी।
मंत्री-अधिकारी का मीटिंग-मीटिंग
शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और डीजी शिपिंग सहित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे भारतीय नाविकों की सुरक्षा और कल्याण, साथ ही समुद्री संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं। डीजी शिपिंग ने एक बयान में कहा था, “भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी किसी भी दुर्घटना, हिरासत या जहाज पर चढ़ने की कोई भी पुष्ट घटना सामने नहीं आई है।”
बता दें कि संघर्ष-ग्रस्त क्षेत्र में अलग-अलग जहाज़ों पर किसी भी समय लगभग 23,000 भारतीय नाविक मौजूद रहते हैं। फिलीपींस और चीन के बाद भारत नाविकों का तीसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है।
02 मार्च से होर्मुज जलडमरूमध्य बंद : तब से एसोसिएशन…

2 मार्च को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने घोषणा की कि उन्होंने समुद्री ट्रैफ़िक के लिए होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर दिया है और इस ज़रूरी शिपिंग चोकपॉइंट से गुज़रने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज़ पर हमला करने की धमकी दी है।
फंसे हुए जहाज़ों, जिनमें भारतीय झंडे वाले जहाज़ भी शामिल हैं, के लिए नौसेना एस्कॉर्ट की योजना बनाने पर काम जारी है, डीजी शिपिंग ने सरकार को बताया।
भारत के समुद्री नियामक, डीजी शिपिंग ने कैबिनेट सचिवालय को दी गई एक रिपोर्ट में कहा है कि “हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से 22 भारतीय और भारत आने वाले विदेशी जहाज़ों की सुरक्षित निकासी के लिए नौसेना एस्कॉर्ट और अन्य सुरक्षा उपायों की योजना बनाने पर काम जारी है।”
जहाज सुरक्षित निकाले जायेंगे
इसमें कहा गया है कि 22 जहाज़ों की पहचान उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए की गई है, और इनमें से 20 जहाज़ ऊर्जा-संबंधी ज़रूरतों के लिहाज़ से बेहद अहम हैं, रिपोर्ट में नौसेना की सुरक्षा (एस्कॉर्ट) के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी गई है।
फिलहाल, भारतीय नौसेना के युद्धपोत ‘ऑपरेशन संकल्प’ के तहत संघर्ष-ग्रस्त खाड़ी क्षेत्र में तैनात हैं और वे जलडमरूमध्य में फंसे भारत की ओर जाने वाले मालवाहक जहाजों पर लगातार नज़र रख रहे हैं।