[ अजय कुमार ]
ईरान-इजराइल/अमेरिका के बीच युद्ध का आज 25 वां दिन है, ईरान का कहना है कि युद्ध तब तक जारी रहेगा, जब तक ट्रंप, ईरान को मुआवज़ा नहीं देते, तेहरान ने प्रतिबंध हटाने और अमेरिकी दखलंदाज़ी के खिलाफ गारंटी की मांग की है।
ईरान पीछे नहीं हटेगा
ईरान ने कहा है कि वह मौजूदा संघर्ष में पीछे नहीं हटेगा और यह युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक उसे अपने नुकसान का मुआवज़ा नहीं मिल जाता।
सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रज़ाई ने कहा कि ईरान की शर्तें साफ़ हैं, सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए और अमेरिका को भविष्य में किसी भी तरह के हस्तक्षेप न करने की पक्की गारंटी देनी चाहिए।
नये सुप्रीम लीडर ने संभाल रखा है कमान
एक टेलीविज़न बयान में, रज़ाई ने कहा कि ईरानी सेना पूरी ताक़त के साथ अपना अभियान जारी रखे हुए है और नया सर्वोच्च नेता के नेतृत्व में स्थिति को मज़बूती से संभाला जा रहा है।
इससे पहले, संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़िर ग़ालिबफ़ ने भी कहा था कि देश के लोग हमलों के लिए ज़िम्मेदार लोगों को कड़ी सज़ा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
रेज़ाई का कहना है कि युद्ध एक हफ़्ते में खत्म हो सकता था
मोहसिन रेज़ाई ने कहा कि युद्ध एक हफ़्ते के अंदर खत्म हो सकता था, लेकिन इज़रायल की वजह से यह जारी रहा।
उनके अनुसार, अमेरिका युद्धविराम के लिए तैयार था और संघर्ष को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रहा था।
नेतन्याहू की जिद
हालाँकि, इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमलों को जारी रखने पर ज़ोर दिया, जिससे युद्ध लंबा खिंच गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि संघर्ष के 15वें दिन के बाद, यहाँ तक कि अमेरिका को भी यह एहसास हो गया था कि जीत का कोई स्पष्ट रास्ता नहीं है।
ट्रम्प का बदलता रवैय्या
डोनाल्ड ट्रम्प 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से कभी ईरान को धमकी दे रहा है, तो कभी युद्ध विराम की बात कर रहा है, चूंकि ट्रम्प के ऊपर अंतरराष्ट्रीय दबाव है कि युद्ध समाप्त किया जाये, किन्तु इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू की जिद और असंवेदनशील बयानों और ईरान पर लगातार हमले कर, बातचीत के सारे रास्ते बंद रखा है, वहीं ईरान संघर्ष के बीच स्थायी समाधान के लिए अड़ा हुआ है।