रायपुर शारदा चौक – तात्यापारा सड़क चौड़ीकरण या फ्लाई ओवर निर्माण में राजनीतिक झमेला

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  • राजधानी रायपुर के महत्वपूर्ण निर्माण विषय पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर
  • सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर मतभेद शुरू हो गया
  • बजट में फ्लाई ओवर का प्रावधान
  • मांग सड़क चौड़ीकरण का

रायपुर :
मामला तत्यापारा से शारदा चौक तक का सड़क चौड़ीकरण या फिर फ्लाई ओवर का है। उक्त विषय पर सत्तारूढ़ सरकार, सांसद, विधायक और संगठन में ही विरोधाभासी विचारधारा नज़र आ रहा हैं।
मुद्दा चुनावी… किन्तु सरकारें हौसला रहित
हालांकि यह विषय लगभग विधानसभा और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा में चुनावी मुद्दा बनता रहा है… वर्षों से बन रहे चुनावी मुद्दों से, रायपुर शहर वासी और मतदाताओं को इंतजार की तकलीफों के अहसास के अतिरिक्त कुछ भी हासिल नहीं हुआ, जनता फुटबॉल की तरह उछल-उछल कर चुनावों में कभी इस पार्टी, तो कभी उस पार्टी के गोलपोस्ट में टकराकर शहर में जीना सीख ही लिया है।
राशि स्वीकृत किन्तु नेताओं में विवाद
बता दें कि सड़क चौड़ीकरण और मुआवजा के लिए लगभग 134 करोड रुपए स्वीकृत हुआ, बताया जा रहा है। जिसमें लगभग 100 करोड रुपये प्रभावितों के मुआवजा के लिए होंगे, और शेष रकम से सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए।
सांसद विधायक फ्लाई ओवर के विरोध में
अब शहर के दो विधायक रायपुर उत्तर के पुरंदर मिश्रा और रायपुर दक्षिण के सुनील सोनी (पूर्व महापौर) भी फ्लाई ओवर के विरोध में खुलकर सामने आ गये।
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी फ्लाई ओवर का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को हाल ही पत्र लिखकर कहा कि सड़क चौड़ीकरण होना चाहिए। पत्र में सांसद ने उल्लेख किया है, कि जब मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री की उपस्थिति में शहर के चारों विधायक, सांसद और महापौर के साथ विभागीय अधिकारियों के साथ संपन्न हुई बैठकों में जब सड़क चौड़ीकरण का सहमति बन चुकी थी, तो फिर यह अचानक 2026-27 के बजट में फ्लाई ओवर के लिए प्रावधान क्यों रखा गया और यह बजट विधानसभा में पास भी हो गया, राज्यपाल महोदय से अनुमोदन भी हो गया। इस प्रावधान में फ्लाई ओवर तात्यापारा से राज टाॅकीज तक भी हो गया, उक्ताशय की शासकीय प्रक्रिया तेजी से प्रारंभ हो गया है।
नेताओं के बोल अलग-अलग
मुआवजा मकान मालिक को और दुकानदार को झटका
राजधानी रायपुर के ही प्रभावशाली नेताओं, आम जनता और प्रबुद्ध नागरिकों से जब इस विषय पर चर्चा की गई, तो उनकी राय भी अलग अलग किन्तु विरोधाभासी ही थी, कुछ लोग फ्लाई ओवर के पक्ष में हैं और बाकी अधिकतम सड़क चौड़ीकरण के पक्षधर निकले। मुआवजा हेतु 100 करोड रुपये के प्रावधान में समस्त मुआवजा राशि दुकान-मकान मालिकों को मिलेगा, जबकि 90 प्रतिशत दुकानदार किराये पर हैं, इन परिस्थितियों में राज्य सरकार और नगर निगम रायपुर पर दबाव बनेगा कि वह दुकानदारों का व्यवस्थापन करें।
संगठनात्मक डर के कारण चुप्पी
नाम उजागर ना करने की शर्त पर, भाजपा के प्रभावशाली नेताओं ने बताया कि बड़े नेताओं की लड़ाई में शहर की जनता को परेशान है, जनहित निर्माण कार्यों और वर्षों से मांग का निराकरण होना चाहिए, चौड़ीकरण या फ्लाई ओवर का झमेला जल्द दूर हो और निर्णय जनहित में हो जाये।

भाजपा नेता और प्रबुद्ध वर्ग का यह प्रश्न बिलकुल सही है कि आज जो विधायक और सांसद, सड़क चौड़ीकरण के पक्ष में आवाज उठा रहे हैं, वही विधायक, विधानसभा में वित्त मंत्री के बजट प्रस्तुतीकरण में जब फ्लाई ओवर का प्रावधान लाया गया, तब सदन में इसका विरोध दर्ज नहीं कराया था कि सड़क चौड़ीकरण होना चाहिए। तब चुप थे और अब जनता और मीडिया में इसका विरोध कर रहे हैं। भाजपा नेताओं ने ही बताया कि जब 06 अप्रैल 2026 को भाजपा के स्थापना दिवस पर एकात्म परिसर के कार्यक्रम में विष्णुदेव साय सहित समस्त भाजपा नेता एक साथ थे, तो वहां यह आवाज उठाते हुए, मुख्यमंत्री से जन भावना के अनुरूप कार्य का अनुरोध किया जाना चाहिए था लेकिन सभी मौन रहे…
आधिकारिक जानकारी
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुआवजा और सड़क चौड़ीकरण के लिए 100 करोड़ से अधिक खर्च होगा, जबकि फ्लाई ओवर निर्माण किया जाएगा। अब राज्य सरकार को तय करना होगा कि सड़क चौड़ीकरण और फ्लाई ओवर में से किस हेतु राशि आबंटित कर, जल्द निर्माण प्रक्रिया की शुरुआत करे और 31 महीने बाद राजधानी की जनता को जवाब देने की स्थिति में रह पाये।


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