महिला एवं बाल विकास को दोहरी फटकार

Spread the love


[ अजय कुमार ]

  • मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव नाराज
  • मुख्यमंत्री विभागीय मंत्री पर नाराज
  • मुख्य सचिव विभागीय अधिकारियों पर नाराज
  • लेकिन घटित भ्रष्टाचार पर कोई टीका-टिप्पणी नहीं

“सारी बीच नारी है कि नारी बीच सारी है” यह हिंदी साहित्य में संदेह अलंकार का एक उदाहरण है। यह पंक्तियाँ महाभारत में द्रोपदी के चीर-हरण के समय श्रीकृष्ण द्वारा साड़ी की लंबाई बढ़ाने के दृश्य का वर्णन करती हैं, जहाँ दुशासन भ्रमित हो जाता है कि साड़ी के बीच में नारी है या नारी के बीच में साड़ी है।

लेकिन उपरोक्त संदेह अलंकार, छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए बिलकुल फिट नहीं बैठता, यहां साड़ी का खेल अलग तरह से निराला है, क्योंकि साड़ी की लंबाई महाभारत के दुशासन के मंशा अनुरूप है।

क्या है ये साड़ी खरीदी मामला : मुख्य सचिव
नया रायपुर मंत्रालय के अति विश्वसनीय सूत्रों से जो जानकारी प्राप्त हुई, उसके अनुसार कल कैबिनेट की बैठक के बाद, मुख्य सचिव विकास शील ने महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को तलब किया और उनसे पूछा कि साड़ी खरीदी का क्या मामला है …?

महिला बाल विकास के अधिकारियों ने मुख्य सचिव को बताया कि 2024 और 25 में साड़ी खरीदने के लिए छत्तीसगढ़ ग्राम उद्योग विभाग को अधिकृत किया गया था और उन्होंने साड़ियां क्रय की है और उसे जिलों में आंगनवाड़ी महिला कार्यकर्ताओं को वितरित किया गया, जिसमें लंबाई कम और गुणवत्ता की शिकायत आने के बाद पांच जिलों के साड़ियों को बदलने के लिए सप्लायरों को निर्देश दिया गया है।
प्रभावशाली सप्लायर


सूत्र यह भी बता रहे हैं कि यह सभी सप्लायर सूरजपुर जिले के हैं और काफी प्रभावशाली लोग हैं, ऐसा बताया जाता है विभाग ने सप्लायरों को भी कल कार्यालय में तलब किया था…

महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों के द्वारा मुख्य सचिव को जानकारी दी गई कि 2025 और 2026 के लिए भी साड़ियां क्रय करने के लिए खादी ग्रामोद्योग विभाग को एजेंसी बनाई गई थी, उन्होंने साड़ी क्रय करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है और अभी भी साड़ी जिलों में वितरित करना प्रारंभ नहीं किया गया है, जो शिकायत आई है वह 2024 और 2025 की वितरित की गई साड़ियों का मामला है…

मुख्य सचिव ने पूरी बात सुनने के बाद महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को सही ढंग से कार्य करने के चेतावनी भरे अंदाज में निर्देश दिये…
मुख्यमंत्री, मंत्रियों पर नाराजगी जाहिर किये
नया रायपुर के मंत्रालय और राजनीतिक सूत्रों के अनुसार जो विश्वसनीय है कैबिनेट की बैठक के बाद खासकर स्कूली शिक्षा, कृषि विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्रियों की मुख्यमंत्री से चर्चा हुई। मंत्रियों ने मुख्यमंत्री को स्पष्ट जानकारी देते हुए बताया कि हमारे विभागों में भिन्न भिन्न सामग्रियों का सप्लाई का काम किया जाता है, किन्तु पिछले एक वर्ष से सप्लायर अब पीछे हटने लगे हैं और उनका कहना है कि अगर हम सामान गलत सप्लाई कर रहे हैं और किए हैं तो विभाग हमारे ऊपर कार्यवाही करें, लेकिन हम मीडिया ट्रायल से बहुत परेशान हैं…
अनियमितता बर्दाश्त नहीं : साय
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब आगे अनियमितता नहीं होनी चाहिए, गुणवत्तापूर्ण सामग्री की खरीदी होनी चाहिए और वे प्रभावित जिनको वितरित किया जाना है, उन्हीं के पास पहुंचना चाहिए, मीडिया ट्रायल तो होता रहेगा, अगर इस और ज्यादा ध्यान देंगे तो फिर काम ही नहीं हो पाएगा, विभागों के मंत्रियों ने स्पष्ट कहा कि सप्लायर अब हाथ खींचने लगे हैं, मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें आप संतुष्ट करिए और कहिए की गुणवत्ता वाले सामग्री का शासन की नीति और मापदंड के अनुसार सामग्रियों का सप्लाई करें। फिर कोई परेशानी नहीं होगी, गुणवत्ता विहीन सामानों की सप्लाई होगी तो सख्त कार्रवाई की जाएगी…
घिसा-पिटा जवाब…
महिला बाल विकास विभाग के मंत्री ने मुख्यमंत्री को बताया कि 2024 और 25 की ग्रामोद्योग विभाग से खरीदी गई गुणवत्ता विहिन साड़ियों को वापस लेकर सप्लायर को बदलने का निर्देश दिया गया है, अभी विभाग के सचिव चुनावी ड्यूटी में प्रदेश से बाहर हैं उनके वापस आने के बाद विभाग शासन के नियमों अनुसार जो उचित कार्रवाई होगी वह करेगी…

2025-26 की साड़ी क्रय की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है सैंपल की भी जांच कर ली गई है और माल सप्लाई होने के बाद उसकी गुणवत्ता की जांच पुन: की जाएगी, उसके बाद ही जिलों में उसे वितरित किया जाएगा, अभी वितरित करने के कार्य प्रारंभ नहीं हुए हैं…


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *