
[ अजय कुमार ]
- तीन साल बाद मिले रामगोपाल अग्रवाल…
- हर छापे में आरोपियों ने एक ही नाम लिया : रामगोपाल…
- एक ही काल में अलग अलग दलों के कोषाध्यक्ष रहे समधिगण…
केन्द्रीय जांच एजेन्सी के अति विश्वसनीय सूत्रों ने बताया है, जो विश्वास करने लायक तो है किन्तु इसके बाद भी हम इसकी पुष्टि नहीं कर सकते…
ईडी अधिकारी का दर्द
जैसा की बताया गया है कि “क्या हम यही सुनने के लिए यहां बैठे हैं, शराब घोटाला, कोयला घोटाला, नागरिक आपूर्ति निगम का चावल लेवी घोटाला, डीएमएफ ‘फंड’ का घोटाला हो, हम जिसे भी गिरफ्तार करते हैं या फिर उनका बयान लेने आते-जाते हैं या फिर जिनके यहां छापा मारते हैं तो वे एक ही व्यक्ति का नाम बताते हैं कि उन्होंने हमें सहयोग किया !” उन्होंने अर्थात – उनका नाम है प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल का ! जो प्रदेश भाजपा के पूर्व कोषाध्यक्ष और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के समधी हैं।
ईडी की कार्यवाहियों में हर प्रकार के लोग सपड़ाये
हालांकि ईडी की कार्यवाहियों में कई राजनैतिक और व्यवसायिक लोग चपेट में आ चुके हैं, साथ ही कई ब्यूरोक्रेट भी लपेटे में आ चुके हैं।
अभी हाल ही में अभनपुर, कुरुद और धमतरी में छापा मारा गया और इसके पहले भी लोगों के यहां छापा मार कर बयान के लिए बुलाया गया, तो कुछ तो ब्यूरोक्रेट्स के नाम लिए हैं, लेकिन अधिकांश लोगों ने रामगोपाल अग्रवाल का ही नाम लिया, जिससे ईडी के अधिकारी बेचैन हो चुके हैं।
हालांकि हम पुष्टि तो नहीं कर रहे हैं लेकिन उनका यह भी कहना है कि “छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम जो की कृषि मंत्रालय के अंतर्गत आता है, में भी सैकड़ो करोड़ का घोटाला हुआ है, उन्हें भी जब बुलाया जाता है तो वह भी उन्हीं का नाम लेते हैं, तो अब हम क्या करें। उसे कहां खोजें।” यह 07 जुलाई 2026 तक की स्थिति थी।
08 जुलाई को सरेंडर : 09 जुलाई को रिमांड पर

यह अलग बात है कि 08 जुलाई की रात्रि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष अचानक अपने अधिवक्ता फैजल रिजवी के साथ आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के ऑफिस में जाकर सरेंडर कर दिया, जिन्हें आज 09 जुलाई को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 17 जुलाई तक रिमांड दी गयी । जबकि ईओडब्ल्यू ने 15 दिन की रिमांड मांगी थी, किन्तु विशेष न्यायालय ने उन्हें केवल 08 दिन की रिमांड दी है।
अब ईडी ने भी फाइल निकालना शुरू किया
ईडी भी अब अपनी फाइलें निकाल रहे हैं, क्योंकि जैसे ही उपरोक्त राज्य की जांच एजेंसी, जांच कर लेगी। उसके बाद रामगोपाल को बयान के लिए तलब करेंगे, क्योंकि ईडी को भी कई मामलों में रामगोपाल के साथ राम-राम जपना है, जिसने पराया माल को अपना बनाया है, और पूर्व में पकड़े गये रईस आरोपियों के बयानों की भी पुष्टि करना है, जिन्होंने राम-राम जपा है।