
[ अजय कुमार ]
- भाजपा आरएसएस से ज्यादा तनाव नरेन्द्र मोदी को
- नरेन्द्र मोदी से भी ज्यादा तनाव में अमित शाह
नई दिल्ली :
नई दिल्ली से सूत्रों के संकेतानुसार, आंध्र प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 01 अगस्त को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगपुरम में 5,000 करोड़ रुपये की लागत से बने अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया।
मोदी 2029 में भी प्रधानमंत्री होंगे – नायडू

उद्घाटन के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उपस्थिति में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने घोषणा कर दी, कि 2029 में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे… तत्पश्चात नागपुर के रेशम बाग और नई दिल्ली के झंडेवालान में आरएसएस के कान खड़े हो गये और भौंहें तन गयी।
सहयोगी दल की घोषणा मान्य नहीं
नायडू की घोषणा का नतीजा है कि…!
चूंकि एनडीए की सरकार में अभी तक होता आया है कि कभी भी सहयोगी दल, भावी नेतृत्व की घोषणा नहीं करते, चाहे वह अटलजी का समय ही क्यों ना रहा हो, या फिर चाहे वर्तमान में नरेंद्र मोदी का और इसी से नागपुर के रेशम बाग और नई दिल्ली के झंडेवालान में तनाव और बढ़ गया। इसकी हम पुष्टि नहीं कर रहे हैं लेकिन सूत्रों के अनुसार, चर्चा दोनों जगह गर्म है …
जंतर मंतर आंदोलन को हल्के में लिया गया
20 और 21 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन, जिसे पहले बहुत हल्के में लिया गया था और आखिर आंदोलन का परिणाम यह हुआ कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को त्यागपत्र देना पड़ा…
आंदोलन को बदनाम करने की असफल कोशिशें
भाजपा और आरएसएस के आईटी सेल एवं उनके गुर्गों ने आंदोलन को बदनाम करने के लिए बाहरी शक्तियों का आरोप लगाकर, पाकिस्तान का नेटवर्क बात कर, सरकार और संगठन में बैठे लोगों डैमेज कंट्रोल करने का बहुत प्रयास किया, लेकिन असफल रहे और यही कोशिश आग में घी का काम किया मुंबई में…
भागवत ने जेन-जी से की बैठक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मुंबई में एक हजार जेन-जी की बैठक में यह बोलकर कि इनकी बात सुनी जानी चाहिए और मुझे अगर पूछा जाएगा तो मैं उनके साथ ताकत से खड़ा हूं उनकी मांग जायज है। मोहन भागवत के ये शब्द से मोदी एण्ड कंपनी चिंतित हो गया है. ….
मंत्री परिषद का पुनर्गठन रुका हुआ है क्यों ?

केंद्रीय मंत्री परिषद का पुनर्गठन भी नहीं होने के कारण, यह बताया जा रहा है की नागपुर रेशम बाग और नई दिल्ली के झंडेवालान के पास जो प्रस्ताव रखा गया था, उसमें उप प्रधानमंत्री अमित शाह को बनाने की बात कही गई थी, जिस पर अभी तक उपरोक्त दोनों स्थानों से हरी झंडी नहीं मिली है, लेकिन नई दिल्ली में एक हलचल और तेज हो गई है और भाजपा के अंदर खाने ही यह मांग भी उठने लगी है कि 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव है, उसको ध्यान में रखते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को उप प्रधानमंत्री बनाया जाए. ….
यह मामला उतना आसान नहीं है जितना दिख रहा है, नई दिल्ली से लेकर लखनऊ तक जो चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद कौन ?…
आगे-आगे योगी आदित्यनाथ
बस मामला यहीं आकर अटक रहा है, सर्वे में सूत्र जो बता रहे हैं, उसके अनुसार योगी आदित्यनाथ आगे चल रहे हैं, जिसे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है, अब देखें, आगे आगे होता है क्या ? वैसे तो कल 8 अगस्त को योगी आदित्यनाथ नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से बैठक कर वापस लखनऊ आये हैं।