मोदीजी से मुलाकात की कहानी: छत्तीसगढ़़ के सांसदों की जुबानी

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नई दिल्ली/रायपुर : वैसे तो पीएम मोदी का सोशल मीडिया में मीम्स और तरह तरह के किस्से कारनामों से भरा रहता है, लेकिन इस बार तो भाजपा सांसद भी…

ये कैसी असमंजसता ?
छत्तीसगढ़ के कुछ भाजपा सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से भेंट करने गये, उन्होंने समय भी दिया, मिले और चर्चा भी की, लेकिन मोदीजी के एक प्रश्न ने छत्तीसगढ़ के भाजपा सांसदों को असमंजस में डाल दिया।

अपने ही मुंह…
प्रधानमंत्री ने पूछा आप लोग अपने क्षेत्र में, गांव में, कस्बों में दौरा करते हैं… सभी ने कहा जी साहब… तो फिर खासकर बस्तर और सरगुजा संभाग, रायगढ़, बालोद और जशपुर की जनता और वहां के आदिवासी वर्ग, मेरे बारे में क्या बोलते हैं? सभी उपस्थित सांसदों ने कहा कि आपके विकास की चर्चा, उनके दिलों दिमाग में बैठ रही है।

प्रधानमंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि “आप लोग झूठ बोल रहे हैं, आप लोग अपने क्षेत्र में गांव में और कस्बे में जनसंपर्क नहीं कर रहे हैं, मुझे जो जानकारी मेरे सूत्रों से मिल रही है, इंटेलिजेंट ब्यूरो से मिल रही है उसके अनुसार वहां के लोग मुझे तो भगवान मानते हैं।”

“आप लोग अपने क्षेत्र का दौरा कीजिए और मेरे बारे में उनके अन्य क्या विचार हैं? और वह मुझसे क्या चाहते हैं मुझे आकर बताइए…”

सभी चारों सांसद बेचैन ! अब क्या किया जाए ? फिलहाल सांसद महोदय लोग (नाम नहीं लिखा : जगहों के नाम से समझ लें), यह बोलने की स्थिति में नहीं है कि भविष्य में वे मुंह दिखाने के लायक नहीं रहेंगे। ऐसी स्थिति केंद्र सरकार ने हमारे साथ कर दी है।

घिसटती सरकार : फिसलती दरबार
बता दें कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार है, दूसरा इंजन तो केवल धुंआ ही फेंक रहा है और आवाज भी बहुत कर रहा है, लेकिन सवारी अर्थात् जनता, वहीं की वहीं ठिठकी हुई है, पर्यावरणीय प्रदूषण के साथ साथ, राजनीतिक प्रदूषण ने जनसाधारण को गांधीजी के तीन बंदरों की तरह जीवनयापन करने मजबूती से मजबूर कर रखा है।


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