डर गया अमेरिका

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[अजय कुमार]

(फोटो : जिस बेस पर दोनों सचिव, मार्को रूबियो और पीट हेगसेथ रहते हैं)

वाशिंगटन :
अमेरिका के बेस पर लॉकडाउन कर दिया गया और वैश्विक सुरक्षा अलर्ट इस चिंता को और गहरा करते हैं कि ईरान की जवाबी कार्रवाई अमेरिका की धरती पर मौजूद अधिकारियों तक भी पहुँच सकती है।

इस मामले की जानकारी रखने वाले तीन लोगों के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने वाशिंगटन आर्मी बेस के ऊपर कुछ अज्ञात ड्रोन देखे। इसी बेस पर विदेश मंत्री मार्को रूबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ रहते हैं। इनमें से दो लोगों ने बताया कि अधिकारी अभी तक यह पता नहीं लगा पाए हैं कि ये ड्रोन कहाँ से आए थे।
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ायी गयी
एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के अनुसार, जो सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों पर चर्चा करने के लिए अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बात की।सेना संभावित खतरों पर अब और भी बारीकी से नज़र रख रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद अलर्ट का स्तर बढ़ा दिया है। अधिकारी ने बताया कि पिछले 10 दिनों में, एक ही रात में फोर्ट लेस्ली जे. मैकनेयर¹ के ऊपर कई ड्रोन देखे गए। इस घटना के बाद सुरक्षा के उपाय बढ़ा दिए गए हैं और व्हाइट हाउस में एक बैठक भी हुई है, जिसमें इस बात पर चर्चा की गई कि इस स्थिति से कैसे निपटा जाए।

  1. ( मिलिट्री बेस : वाशिंगटन)

विदेश में रहने वाले अमेरिकी राजनयिको को सुरक्षा अलर्ट
वॉशिंगटन में ड्रोन दिखने के बाद, अमेरिका ने विदेशों में मौजूद अपने राजनयिक ठिकानों के लिए वैश्विक सुरक्षा अलर्ट जारी किया है और खतरों के चलते देश के भीतर कई सैन्य ठिकानों को बंद कर दिया है। इस हफ़्ते, न्यू जर्सी में ‘जॉइंट बेस मैकगायर-डिक्स-लेकहर्स्ट’ और फ़्लोरिडा में ‘मैकडिल एयर फ़ोर्स बेस’ ने अपने सुरक्षा स्तर को बढ़ाकर चार्ली² कर दिया। इस श्रेणी का मतलब है कि कमांडर के पास ऐसी खुफिया जानकारी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कोई हमला या खतरा संभव है। इससे ऊपर का एकमात्र सुरक्षा स्तर डेल्टा³ है, जिसका इस्तेमाल तब किया जाता है जब कोई हमला हो चुका हो या होने की आशंका हो।

  1. (सैन्य शब्दावली)
  2. ( स्पेशल ऑपरेशन यूनिट)

सचिवों को निवास बदलने की सलाह
फोर्ट मैकनेयर के ऊपर ड्रोन उड़ने की वजह से अधिकारियों ने रूबियो और हेगसेथ को दूसरी जगह भेजने पर विचार किया, अक्टूबर में कई मीडिया आउटलेट्स ने सार्वजनिक रूप से बताया था कि बेस पर उनके रहने की जगह कहाँ है।

पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने ड्रोन्स के बारे में बात करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “विभाग सुरक्षा कारणों से सेक्रेटरी की गतिविधियों पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता, और ऐसी गतिविधियों की रिपोर्टिंग करना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है।”
विदेश विभाग ने कोई जवाब नहीं दिया
इस हफ़्ते दो बार अधिकारियों ने मैकडिल एयर फ़ोर्स बेस की सुविधाओं को बंद किया। यह बेस अमेरिकी सेंट्रल कमांड का मुख्यालय है, जो ईरान के ख़िलाफ़ यूएस सैन्य अभियानों के लिए ज़िम्मेदार है। मिलिड्री बेस से एक बयान में बताया कि एफबीआई अब एक संदिग्ध पैकेट की जाँच कर रही है, जिसके कारण सोमवार को बेस का विज़िटर्स सेंटर कई घंटों तक बंद रहा, वहीं बुधवार को एक अज्ञात सुरक्षा घटना के चलते बेस को कई घंटों तक ‘शेल्टर-इन-प्लेस’ (सुरक्षित स्थान पर रहने) के आदेश के तहत रखा गया।

एक एयर फ़ोर्स प्रवक्ता ने कहा कि हमारे लोगों और मिशन की सुरक्षा और हिफ़ाज़त पक्की करने के लिए, कमांडर स्थानीय ख़तरे के आकलन के हिसाब से अपनी जगह की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव करते हैं।
राजनयिकों का सुरक्षा बढ़ाने आदेश
वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, मंगलवार को विदेश विभाग ने दुनिया भर में सभी अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को “तुरंत” सुरक्षा मूल्यांकन करने का आदेश दिया। इसके पीछे उन्होंने “मध्य पूर्व में चल रही और बदलती स्थिति और उसके असर के फैलने की संभावना” का हवाला दिया।

फोर्ट मैकनेयर में नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी और पेंटागन के कुछ सबसे वरिष्ठ सैन्य अधिकारी रहते हैं। इस बेस पर पारंपरिक रूप से राजनीतिक नेता नहीं रहते थे, लेकिन ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों की बढ़ती संख्या, जिनमें डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी की निवर्तमान सेक्रेटरी क्रिस्टी एल. नोएम भी शामिल हैं, सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए इस इलाके के बेस पर आकर रहने लगी है।
मिलिट्री बेस मैकनयर में सुरक्षा घेरा‌ नहीं
मैकनेयर, कैपिटल हिल और व्हाइट हाउस के पास ही सुविधाजनक जगह पर स्थित है। लेकिन, राजधानी क्षेत्र में मौजूद दूसरे बेस की तरह यहाँ सुरक्षा का वैसा घेरा मौजूद नहीं है।

ईरान द्वारा पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन के खिलाफ दी गई धमकियों के चलते, जिनके लिए ईरान ने सुलेमानी पर हुए हमले को ज़िम्मेदार ठहराया था, बाइडेन प्रशासन ने उनकी सरकारी सुरक्षा बढ़ा दिया था। ट्रंप ने 2025 में उनकी सुरक्षा हटा ली थी।


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