बालेन शाह नेपाल के प्रधानमंत्री बने : पूर्व प्रधानमंत्री ओली गिरफ्तार

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[ अजय कुमार ]

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को आज शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। यह गिरफ्तारी सितंबर 2025 में ‘जेन ज़ेड’ विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसक दमन से जुड़े मामले में की गई है। इस घटना में कुल्हाड़ी से हत्या का आरोप लगाया गया है। यह गिरफ्तारी, रैपर से राजनेता बने बालेन शाह ने मात्र एक दिन पहले ही नेपाल के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली है।
बालेन शाह…अब प्रधानमंत्री
35 वर्षीय बालेन इंजीनियर, पूर्व रैपर और अब नेपाल के 40वें प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने कल 27 मार्च 2026 को शपथ ली, बालेन ने काठमांडू से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने भारत के कर्नाटक स्थित विस्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया। पढ़ाई के दौरान वे सामाजिक मुद्दों से जुड़े रहे और बाद में संगीत की दुनिया में कदम रखा।
पूर्व गृहमंत्री भी गिरफ्तार
नेपाली कांग्रेस नेता और ओली सरकार में गृह मंत्री रहे रमेश लेखक को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया गया है। दोनों नेताओं को भक्तपुर स्थित उनके आवासों से हिरासत में लिया गया। आरोपों के अनुसार, दोनों पर ऐसे प्रावधानों के तहत चार्ज लगाए जाने की संभावना है जिनमें अधिकतम 10 वर्ष तक की जेल की सजा हो सकती है।
जेन ज़ेड क्रांति का हिंसक दमन की कोशिश
नेपाल में सितंबर 2025 में युवाओं के नेतृत्व वाली एक बड़ी उथल-पुथल हुई थी, जिसे ‘जेन ज़ेड क्रांति’ कहा गया। ओली सरकार के दौरान शासन की नाकामी, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और राजनीतिक अस्थिरता के खिलाफ गुस्से से भरा यह आंदोलन शुरू में डिजिटल स्वतंत्रता की मांग से जुड़ा था। लेकिन जल्द ही यह व्यापक विरोध में बदल गया। सरकार द्वारा की गई कड़ी कार्रवाई में हिंसा भड़क उठी, जिसमें कम से कम 76 लोगों की मौत हो गई और 2000 से अधिक लोग घायल हुए।
जांच आयोग ने ओली को दोषी बताया
सितम्बर 2025 में हुए आंदोलन के पहले दिन ही घंटों तक चली फायरिंग में कम से कम 19 जेन जेड प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी। उच्च स्तरीय जांच आयोग ने इस हिंसा की जांच की और चार बार प्रधानमंत्री रह चुके 74 वर्षीय केपी शर्मा ओली को दोषी ठहराया। आयोग ने कहा कि कार्यकारी प्रमुख के रूप में ओली को अच्छे-बुरे दोनों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
पुलिस अफसर भी दोषी ठहराये गये
आयोग की रिपोर्ट में ओली, तत्कालीन गृह मंत्री रमेश लेखक, उस समय के पुलिस प्रमुख चंद्र कुबेर खापुंग और दर्जनों अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।
ओली का बयान
ओली ने जांच आयोग की रिपोर्ट को अस्वीकार करते हुए कहा कि यह रिपोर्ट बेहद आपत्तिजनक है, हमारा चरित्र हनन है और घृणा की राजनीति को दर्शाती है। अन्नपूर्णा पोस्ट अखबार ने ओली के हवाले से लिखा, “रिपोर्ट बेहद आपत्तिजनक है, यह चरित्र हनन है और घृणा की राजनीति को दिखाती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।” यदि अदालत में दोषी साबित हुए तो दोनों पर 10 वर्ष तक की जेल हो सकती है।
4 साल में टाॅप पर पहुंचा बालेन
2022 के स्थानीय निकाय चुनावों में बालेन ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू महानगरपालिका के मेयर पद के लिए चुनाव लड़ा। नेपाल में 2025 में जेन ज़ेड क्रांति हुई। भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और राजनीतिक अस्थिरता के खिलाफ युवा आंदोलन, जिसमें दर्जनों मौतें हुईं। बालेन इस आंदोलन के प्रतीक बन गए। दिसंबर 2025 में वो राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल हो गए। जनवरी 2026 में काठमांडू के मेयर पद से इस्तीफा देकर वे राष्ट्रीय चुनाव लड़ने उतरे। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया। अब देखना यह है कि सत्ता में आने के बाद वे कितना बदलाव ला पाते हैं।


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