[ अजय कुमार ]
- पता नहीं सृजनकर्ता ब्रम्हा ने भाजपा नेताओं के भेजे में डुप्लीकेट सेरिब्रम क्यों डाले ?
- नरेन्द्र मोदी चाहते हैं कि देश की जनता, गांधीजी के तीन आधुनिक बंदरों की तरह रहे, ना सच बोलें – ना सच सुने – ना सच कहें…
अब पूरा सच जाने…
भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार के दूसरे कार्यकाल में, इन्हीं पीएम नरेंद्र मोदी की ही सरकार ने 23 सितंबर 2023 को लोकसभा और राज्यसभा में महिलाओं को दिए जाने वाले 33 प्रतिशत आरक्षण का बिल पास कर दिया था।
28 सितंबर 2023 को महामहिम श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने इस पर हस्ताक्षर किया और यह कानून बन गया…
फिर उसी बिल में दो और बिल जोड़कर संसोधन प्रस्ताव लाये
अब 2026 में 16 से 18 अप्रैल जब लोकसभा का विशेष सत्र आमंत्रित कर गया था, 16 अप्रैल को मध्यरात्रि एनडीए की केंद्र सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर इसे कानूनी रूप दे दिया गया कि 33 प्रतिशत महिलाओं का आरक्षण लागू हो गया।
तो फिर क्या….?
17 अप्रैल को 21 घंटे तक लोकसभा में बहस हुई, यह बहस महिला आरक्षण बिल के बारे में नहीं था, मात्र महिला आरक्षण बिल में एक संशोधन था, इस संसोधन मे परिसीमन विधेयक और दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेशों के लिए परिसीमन, प्रतिनिधित्व और विधानसभाओं में आरक्षण विधेयक को शामिल किया गया, जिसके लिए दोनों सदनों से अनुमति लेना था।
यह सामलात विधेयक, विपक्ष के असहयोग के कारण लोकसभा में गिर गया और जो संशोधन बिल लाया गया था, वह केंद्र की एनडीए सरकार की मंशा के अनुरूप, पास नहीं हो पाया।
अब झूठ की राजनीति शुरू
कल 18 अप्रैल की रात्रि 8:30 बजे देश के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गंभीर आरोप विपक्ष पर लगाया कि उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक, पास होने नहीं दिया, तो फिर 23 सितंबर 2023 को जो बिल पास हुआ 28 सितंबर 2023 को राष्ट्रपति ने जो हस्ताक्षर किया और 16 अप्रैल 2026 को जिसे केंद्र की एनडीए सरकार ने अधिसूचना जारी कर लागू किया, वह क्या था ?
तो क्या देश के प्रधानमंत्री ने देश की 147 करोड़ जनता और 103 करोड़ मतदाता से झूठ बोला, इसमें दो-तीन-चार मत नहीं है कि प्रधानमंत्री ने झूठ बोला, शतप्रतिशत झूठ बोला।
अब धरना प्रदर्शन करेगी भाजपा
भाजपा के 21 राज्य सरकारें जिसमें एनडीए भी शामिल है, आज 19 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाएंगे कि उन्होंने महिलाओं का आरक्षण होने नहीं दिया, जो की एक सफेद झूठ है।
और हां….?
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 20 अप्रैल को लगभग 50,000 महिलाओं का जंगी प्रदर्शन कर, भाजपा के द्वारा, विपक्ष पर आरोप लगाया जाएगा, भाजपा और प्रधानमंत्री ने भारतीय जनता को दिभ्रमित करने, यह सब षड्यंत्र रचा है।
थोड़ा ठहरिए जरा… आगे और देखिए
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भाजपा और एनडीए के 21 राज्यों की सरकारों को निर्देशित किया है कि विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर, विपक्ष के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पास करें…
गजब झूठ की राजनीति
भारत सरकार का दस्तावेज कुछ और ही प्रमाणित कर रहा है, वोटो की फसल काटने के लिए राजनीति कुछ और ही हो रही है।
लेकिन भक्त और अंधभक्त इसे स्वीकार नहीं करेंगे क्योंकि उनकी सोचने की शक्ति को 2014 के बाद हैक कर लिया गया है…