मैथिली बोलने वाले रैपर बालेन शाह : नेपाल के नए प्रधानमंत्री होंगे

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“सर्वप्रथम, माता जानकी के प्रणाम,” बालेंद्र शाह, उर्फ ​​बालेन शाह ने कहा, जब उन्होंने नेपाल में अपना प्रधानमंत्री पद का चुनाव प्रचार शुरू किया।
उनका भाषण मैथिली में था, जो बिहार और झारखंड में बहुत बोली जाने वाली भाषा है और उनका चुनाव प्रचार काठमांडू या पहाड़ियों से शुरू नहीं हुआ। यह मधेश प्रांत की राजधानी जनकपुर से शुरू हुआ, जो देवी सीता का जन्मस्थान है, जिन्हें जानकी के नाम से भी जाना जाता है।

275 में से 165 सीट पर चुनाव
नेपाल की प्रतिनिधि सभा (लोससभा) में कुल 275 सीटें हैं। इसमें से 165 सदस्य सीधे मतदान द्वारा और 110 सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के माध्यम से 5 साल के लिए चुने जाते हैं। यह 2015 के संविधान के अनुसार नेपाल की संघीय संसद का निचला सदन है।

नेपाल में मैथिली भाषा
नेपाल में प्रधानमंत्री पद के किसी उम्मीदवार ने अपने पहले बड़े राजनीतिक भाषण में मैथिली में बात की हो, जो बिहार के मिथिला इलाके में मशहूर भाषा है और भोजपुरी से काफी मिलती-जुलती है। मैथिली नेपाल में दूसरी सबसे ज़्यादा बोली जाने वाली भाषा भी है।

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी बहुमत की ओर…
कल शुक्रवार को हुए नेपाल के आम चुनावों में वोटों की गिनती जारी है और पूर्व रैपर और काठमांडू के पूर्व मेयर, बालेन शाह, हिमालयी देश के प्रधानमंत्री बनने की कगार पर हैं, उनकी राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्र पार्टी बंपर जीत की ओर बढ़ रही है, 117 सीटों पर बढ़त के साथ बालेन शाह की पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है।

हार रहे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली
पिछले साल सितंबर में सोशल मीडिया पर कुछ समय के लिए लगे बैन को लेकर नेपाल में जेन-जेड के विरोध प्रदर्शनों के बाद बालेन शाह प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे आगे चल रहे थे। शुक्रवार देर रात तक के ट्रेंड्स से पता चलता है कि शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स की 275 सीटों में से 112 से ज़्यादा सीटों पर आगे चल रही है, और शाह खुद झापा-5 सीट पर नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (यूनिफाइड मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट) के पुराने नेता और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ बड़ी बढ़त बनाए हुए हैं।

भारत चीन अमेरिका को गाली
नेपाल में हुए चुनाव के बाद सबसे आगे चल रहे बालेंद्र शाह ने 2025 के एक पोस्ट में अमेरिका, भारत और चीन को गाली दी थी। उन्होंने कहा था, “आप सभी मिलकर भी कुछ नहीं कर सकते।” शाह स्वतंत्र नेता, रैपर और इंजीनियर हैं जो भ्रष्टाचार और जनसरोकार के मुद्दों पर बेबाक राय रखते हैं।

नेपाल चुनाव…(संक्षिप्त विश्लेषण)
नेपाल में प्रतिनिधि सभा के लिए गुरुवार को सुबह सात बजे से 77 जिलों में 23 हजार केंद्रों पर मतदान शुरू हुआ, जो शाम 5 बजे तक चला, यह पिछले साल सितंबर में जेन-जी विद्रोह के बाद पहला आम चुनाव है। मतदान लगभग 60 प्रतिशत रहा, नेपाल निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस चुनाव में 18,903,689 पंजीकृत मतदाता हैं, अधिकतर उम्मीदवार 41 साल से ऊपर की उम्र के हैं, 1,925 उम्मीदवार 41 से 60 साल के और 425 वरिष्ठ नागरिक हैं, 201 उम्मीदवार 30 साल या उससे कम उम्र के हैं, कुल सीटों में से 165 सांसद ‘फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट’ प्रणाली के तहत चुने जाएंगे। 2022 के चुनाव में 61.63 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। उससे पहले, 2017 में मतदान का प्रतिशत 68.67 प्रतिशत तक पहुंचा था, सबसे ज्यादा वोटिंग 2013 में हुई थी, उस दौरान 78.34 प्रतिशत मत पड़े थे।


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