ईरान-अमेरिका के बीच बातचीत नहीं होगी

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[ अजय कुमार ]

  • ‘नाकाबंदी मुख्य बाधा’: ईरान ने पाकिस्तान में अमेरिका के साथ बातचीत का दूसरा दौर ठुकराया

ईरान ने अमेरिका के साथ शांति वार्ता के दूसरे दौर में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिससे नौसैनिक टकरावों के फिर से शुरू होने के बीच तनाव काफी बढ़ गया है।
अमेरिकी रवैया से दूसरे दौर की बातचीत नहीं : ईरान
ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी (आईआरएनए) ने बताया कि दूसरे चरण पर आगे की बातचीत के लिए कोई योजना नहीं है, एजेंसी ने इसके लिए वॉशिंगटन को ज़िम्मेदार ठहराया और उसके रवैये को ‘हद से ज़्यादा माँगें, बदलते रुख़ और लगातार विरोधाभास’ वाला बताया। एजेंसी ने कूटनीति में मुख्य बाधाओं के तौर पर लगातार जारी नौसैनिक घेराबंदी और हाल की समुद्री घटनाओं का भी ज़िक्र किया।
मीडिया का खेल
ईरानी मीडिया में छपे एक बयान में तेहरान ने कहा कि बातचीत के माहौल को सकारात्मक नहीं माना जा सकता। बयान में यह भी कहा गया कि मौजूदा हालात में “सार्थक बातचीत की कोई साफ़ उम्मीद नहीं है”। ईरानी समाचार एजेंसी ने इस्लामाबाद में बातचीत के दूसरे दौर की जल्द शुरुआत की ख़बरों को भी गलत बताया। एजेंसी ने इन ख़बरों को “मीडिया का एक खेल” और अमेरिका की तरफ़ से दबाव बनाने की मुहिम का हिस्सा करार दिया।
अमेरिका ने ईरानी जहाज़ ज़ब्त किया
पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेज़ा अमीरी मोघद्दम ने ज़्यादा साफ़-साफ़ कहा और वॉशिंगटन पर ज़बरदस्ती वाले तरीकों से कूटनीति को कमज़ोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “आप लगातार अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं कर सकते, अपनी नाकेबंदी को और सख़्त नहीं कर सकते, ईरान को और युद्ध अपराधों की धमकी नहीं दे सकते, बेतुकी मांगों पर अड़े नहीं रह सकते, और साथ ही यह दिखावा नहीं कर सकते कि आप कूटनीति अपना रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “जब तक नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक मतभेद भी बने रहेंगे।”
होर्मुज में तनाव बढ़ा
यह कूटनीतिक गतिरोध होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बढ़ते समुद्री तनाव की पृष्ठभूमि में सामने आया है, जो कि एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा गलियारा है।

ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा कि ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी अभी भी एक बड़ी अड़़चन बनी हुई है और तेहरान का तर्क है कि यह एक तरह की हमारे और दुनिया के लिए सामूहिक सज़ा है।
ईरानी जहाज पर अमेरिकी हमला
तनाव तब और बढ़ गया, जब ऐसी खबरें आईं कि एक अमेरिकी जंगी जहाज़ ने ईरान का झंडा लगे एक मालवाहक जहाज़ को रोका और उसे नुकसान पहुँचाया, यह जहाज़ जाँच से बचने की कोशिश कर रहा था।

वॉशिंगटन ने दावा किया कि वह जहाज़ पहले से ही प्रतिबंधों के दायरे में था, जबकि ईरान ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे “सशस्त्र समुद्री डकैती” बताया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।
नहीं होगी बात…
ईरानी सरकारी ब्रॉडकास्टर ने कहा कि ईरान की अभी और बातचीत में शामिल होने की कोई योजना नहीं है, जबकि फ़ार्स और तस्नीम जैसे अन्य मीडिया आउटलेट्स ने अधिकारियों के हवाले से कहा कि कुल मिलाकर माहौल बातचीत के लिए अनुकूल नहीं है, जब तक कि ईरान पर लगी पाबंदियाँ हटा नहीं ली जातीं।
तेल बाजार में तेजी
इस गतिरोध ने ऊर्जा बाज़ारों को भी हिलाकर रख दिया है, होर्मुज़ जलडमरूमध्य में और ज़्यादा रुकावटों की आशंका के चलते तेल की कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं। इस जलडमरूमध्य से दुनिया भर में कच्चे तेल की शिपमेंट का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है।

[ पिछले 8 घंटे का अपडेट ]
[Al Jazeera/WSJ ]


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