
[ अजय कुमार ]
- कलेक्टर को हटाने विधायक का मुहिम फेल
- साथी पार्टी जिलाध्यक्ष का मुंह लटका
- अवैध आय का रास्ता बंद किया कलेक्टर ने
- ऐसे ही साफ-साफ कार्यशैली की बात पर कोरबा में हो चुका विवाद
- ईमानदार कलेक्टर के साथ जनता और मुख्यमंत्री
- विधायक-जिलाध्यक्ष की नाराजगी गयी चूल्हे में
अंबिकापुर :
शासकीय जमीन से अतिक्रमण हटाने की मुहिम से, कलेक्टर सरगुजा से नाराज़ सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, भाजपा जिला अध्यक्ष एवं पांच मंडल अध्यक्षों को लेकर कई दिनों तक राजधानी रायपुर में डटे रहे।
कलेक्टर बने भ्रष्टाचार्यों की आंखों की किरकिरी
सरगुजा कलेक्टर, राजस्व विभाग में बड़े पैमाने पर स्थानांतरण, पुरानी व्यवस्था में सुधार, पुनर्वास विभाग की जमीन खरीद बिक्री पर रोक, नगर निगम क्षेत्र में तालाबों से अतिक्रमण हटाने व भू माफियाओं पर लगाम को लेकर सरगुजा में जमीन दलालों के आंखों की किरकिरी बने हुए हैं। जमीन के खेल में रातों-रात करोड़पति बनने वाले भू माफिया और उनके संरक्षक, कलेक्टर के रवैये से बेचैन हो उठे हैं और धंधे को प्रभावित होता देख कई स्तरों पर, अपने इस मिशन को फलीभूत करने में लगे हैं।
शिकायत सुनियोजित : हल भी सुनियोजित
बताया जा रहा हैं कि सुनियोजित और संगठित शिकायत के सप्ताह भर बाद भी, परिणाम नहीं आने से कलेक्टर बदलने का दावा करने वाले मुंह छुपाने की स्थिति में हैं।
शिकायतकर्ताओं की कुंडली भी निर्णय लेने वालों तक पहुंचने की बात सामने आ रही है, अवैध प्लाटिंग तालाब पाटने और अतिक्रमण के खेल में शामिल भू माफियाओं की, जिकाधीश के तबादले की कोशिश में संलिप्तता ने फिलहाल न केवल इस अभियान की हवा निकाल दी, बल्कि जमीन दलालों पर नियंत्रण और सख्ती की कार्यवाही को तेज भी कर दिया है।
मुख्यमंत्री कलेक्टर-एसपी से आमने सामने बात की…
कलेक्टर की शिकायत, मुख्यमंत्री के पास होने के कुछ दिनों बाद सरकार जिला के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को राजधानी रायपुर मुख्यमंत्री निवास में तलब किया गया और चार वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष मुख्यमंत्री ने उनसे वास्तविक स्थिति की पूरी जानकारी लिए, जब वस्तु स्थिति सामने आयी, तो चारों वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री महोदय को सुझाव दिया कि कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को अपना काम करने दिया जाए, यह पार्टी और सरकार के हित में होगा और मुख्यमंत्री ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सरगुजा को फ्री हैंड देते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे जमीन दलालों और भ्रष्टाचार्यों (अब भ्रष्टाचारियों नहीं, बल्कि भ्रष्ट आचार के आचार्यों लिखा जायेगा) को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए और सरगुजा जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर मुख्यालय पहुंचने के बाद अपने कार्य में और तेज गति ले आए हैं।
कांग्रेस-भाजपा गठजोड़
कलेक्टर की कार्यशैली से सरकार और विपक्ष के गठजोड़ के लोगों में हड़कंप मच चुका है और उनका इंतजार है, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल एवं प्रदेश महामंत्री संगठन पवन साय का, जो पिछले 2 महीने से पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में व्यस्त हैं सूत्र बता रहे हैं कि वह 5 मई के बाद राजधानी रायपुर पहुंचेंगे, तो वहां के अंबिकापुर के भाजपा जिलाध्यक्ष और विधायक सहित लगभग आधा दर्जन मंडल अध्यक्ष, पवन साय से अपनी फरियाद रखकर न्याय दिलाने की मांग करेंगे। लेकिन उन्हें भी जब सच्चाई पता चलेगी तो शायद वह मुख्यमंत्री पर भी दबाव नहीं बना पाएंगे।
जमीन दलालों और जमीन खाने वालों के विषय में एक वर्ग विशेष की विस्तृत बात लिख दिये जाने पर हंगामा हो सकता है, इसलिए समस्त प्रकरणों ने अध्ययन पश्चात, सबूत सहित आगे आपके मोबाइल पर, जानकारी उपलब्ध हो जायेगी।