ईरान-अमेरिका के बीच होगी वार्ता

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[ अजय कुमार ]

  • पाकिस्तान में हुई वार्ता बेनतीजा
  • 16 अप्रैल को हो सकती है दोबारा वार्ता
  • जिनेवा या इस्तांबुल में वार्ता होने की संभावना
  • अमेरिका झुका : ईरान वार्ता हेतु तैयार

अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत का रास्ता अब भी खुला है, अमेरिका खुद ईरान से बातचीत करना चाहता है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका अब ईरान के साथ सीधी बातचीत के संभावित दूसरे दौर की तैयारी कर रहा है।
यह कदम तब उठाया गया है, जब पिछले हफ्ते इस्लामाबाद में हुई लंबी बातचीत के बावजूद ईरान जंग पर कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया।
युद्ध विराम खत्म होने वाली है
बता दें कि इसी महीने किया गया अस्थायी युद्धविराम 21 अप्रैल को खत्म होने वाला है। संभव है कि इससे पहले दोनों देश एक बार फिर आमने-सामने चर्चा करें। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों ही देशों ने संकेत दिए हैं कि इस्लामाबाद वार्ता विफल होने के बाद भी वार्ता के रास्ते खुले रहेंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान से निकलते हुए कहा भी था कि वह फाइनल और बेस्ट प्रस्ताव ईरान के सामने रखकर जा रहे हैं।
जिनेवा या इस्तांबुल में होगी वार्ता


वाल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार वार्ता की तारीखों और जगहों पर चर्चा अभी शुरुआती चरण में है। माना जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच अब बातचीत जिनेवा (स्विटजरलैंड) या इस्तांबुल (तुर्की) जैसे शहरों में हो सकती है, 5-6 दिन पहले डोनाल्ड ट्रम्प इस्तांबुल यात्रा पर गये थे, इसलिए इस्तांबुल में वार्ता होने की अधिक संभावना जतायी जा रही है। हालांकि, अब भी जगह को लेकर विचार किया जा रहा है। जिम्मेदार अमेरिकी अधिकारी बोले कि ‘अगर हालात उस दिशा में जाते हैं तो हमें तुरंत कोई व्यवस्था करने के लिए तैयार रहना होगा।’
16 अप्रैल हो सकती है वार्ता की तारीख
जानकारी के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच गुरुवार को बातचीत का नया दौर शुरू हो सकता है। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से सामने आई इस जानकारी में बताया गया है कि दोनों पक्षों के बीच नई वार्ता की तैयारी चल रही है। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच गुरुवार को बातचीत का नया दौर आयोजित किए जाने की संभावना है।
इन शर्तों पर अड़ा है अमेरिका

  • ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन के सभी कार्य पूरी तरह से बंद कर दे।
  • अपनी प्रमुख परमाणु संवर्धन सुविधाओं को नष्ट कर दे
  • 400 किलोग्राम से अधिक अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को वापस सौंप दे, जिसके बारे में माना जाता है कि वह जमीन के नीचे दबा हुआ है।


पुरानी शर्तें स्वीकार नहीं
ईरान ने अतीत में इन शर्तों को अस्वीकार कर दिया था और हफ्तों तक चले संघर्ष के बाद भी उसका रुख काफी हद तक अपरिवर्तित ही नजर आता है। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को इस्लामाबाद में दोनों पक्षों ने परमाणु मुद्दे को सुलझाने के उद्देश्य से अपने-अपने प्रस्ताव पेश किए। बातचीत से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि अमेरिकी वार्ताकारों ने ईरान को प्रस्ताव दिया है कि वह यूरेनियम संवर्धन में आगामी 20 साल का विराम स्वीकार कर ले।
परमाणु डस्ट हटायेंगे : ट्रम्प
ट्रंप ने पहले दावा किया था कि अमेरिका और ईरान मिलकर उस चीज को हटाने का काम करेंगे जिसे वह न्यूक्लियर डस्ट (परमाणु धूल) कहते हैं। हालांकि ईरान इस पर टस से मस नहीं हुआ। बता दें कि ट्रम्प अपने बेहूदा बयानों के लिये या बार-बार बयान बदलने की हरकतों के कारण विकृत मानसिकता के व्यक्ति होने का ठप्पा लगवा चुके हैं। आपको मालूम है कि ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच 28 फरवरी को युद्ध शुरू हुआ था।


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