पश्चिम एशिया में युद्ध विराम के संकेत नहीं…

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All is fair in love and war… एक प्रसिद्ध कहावत है, जिसका अर्थ है कि प्रेम या युद्ध में लक्ष्य (जीत) पाने के लिए कोई भी तरीका, हद या चालबाजी अपनाई जा सकती है, वर्तमान में पश्चिम एशिया के संघर्ष में परिलक्षित हो रहा है।

अमेरिका का प्रस्ताव एकतरफा
एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने गुरुवार को रॉयटर्स को बताया कि लगभग चार हफ़्तों से चल रही लड़ाई को खत्म करने का अमेरिका का प्रस्ताव एकतरफ़ा और अनुचित है। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि शांति वार्ता के लिए फिलहाल कोई ठोस योजना न होने के बावजूद कूटनीति अभी खत्म नहीं हुई है।

अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान के ज़रिए तेहरान तक पहुँचाए गए, इस प्रस्ताव की कल गुरुवार रात को वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों और ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि द्वारा विस्तार से समीक्षा की गई।
ईरान का हित शर्तों में नहीं…
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इसमें सफलता के लिए ज़रूरी न्यूनतम आवश्यकताओं की कमी है और यह केवल अमेरिका और इज़राइल के हितों को ही पूरा करता है। उन्होंने आगे कहा कि अगर वॉशिंगटन में यथार्थवाद हावी होता है, तो इस संकट को सुलझाने के लिए “आगे का कोई रास्ता अब भी मिल सकता है।
ट्रम्प की चेतावनी और बिगड़े बोल


इससे पहले गुरुवार को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी कि वह इस संघर्ष को खत्म करने के लिए होने वाली बातचीत को लेकर “गंभीर हो जाए।”

ट्रम्प ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान एक डील के लिए “मिन्नतें” कर रहा था, यह बात उन्होंने तब कही जब ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि बिचौलियों के ज़रिए भेजे गए संदेश बातचीत नहीं माने जा सकते और फिलहाल ईरान का बातचीत करने का कोई इरादा नहीं है।

ट्रंप ने बाद में ईरानियों को “बेहतरीन बातचीत करने वाला” बताया, लेकिन कहा कि उन्हें “पक्का नहीं है कि वे युद्ध खत्म करने के लिए उनके साथ कोई समझौता करने को तैयार हैं।”
अमेरिका का 15 सूत्रीय प्रस्ताव
सूत्रों और रिपोर्टों के अनुसार, संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका के 15-सूत्रीय प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने और उसकी मिसाइलों पर रोक लगाने से लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण प्रभावी रूप से सौंपने तक की मांगें शामिल हैं, ये शर्तें हैं –

  1. 30 दिनों का युद्धविराम।
  2. नतान्ज, इस्फहान और फोर्डो में ईरान की परमाणु सुविधाओं को नष्ट करना।
  3. भविष्य में कभी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा।
  4. ईरान की ओर से परमाणु हथियार विकसित न करने की स्थायी प्रतिबद्धता।
  5. संवर्धित यूरेनियम के भंडार को अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को सौंपना।
  6. ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे की IAEA द्वारा पूर्ण निगरानी और देश के भीतर यूरेनियम संवर्धन पर रोक।
  7. क्षेत्रीय प्रॉक्सी के लिए ईरान का समर्थन समाप्त करना।
  8. क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर ईरान के हमलों को रोकना।
  9. होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना।
  10. ईरान पर अमेरिका के प्रतिबंधों को हटाना और संयुक्त राष्ट्र के ‘स्नैपबैक’ तंत्र को समाप्त करना।
  11. ईरान के बुशेहर परमाणु संयंत्र में बिजली उत्पादन के लिए अमेरिका का समर्थन।
  12. ईरान को घरेलू स्तर पर यूरेनियम संवर्धन रोकने के लिए कहा गया है।
  13. ईरान की मिसाइलों की संख्या और उनकी रेंज सीमित करने की मांग की है।
  14. बिजली उत्पादन के लिए सहयोग देने की भी पेशकश की है।
  15. संयुक्त राष्ट्र के ‘स्नैपबैक मैकेनिज्म’ को समाप्त करने का वादा किया गया।

जवाब में 5 सूत्रीय ईरानी प्रस्ताव
ट्रम्प के युद्ध समाप्ति की शर्तों के जवाब में, ईरानी सूत्रों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने अपना रुख और कड़ा कर लिया है, अब वह भविष्य में होने वाली किसी भी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ गारंटी, नुकसान की भरपाई और जलडमरूमध्य पर औपचारिक नियंत्रण की मांग कर रहा है। क्षेत्रीय सूत्रों ने यह भी बताया कि ईरान ने मध्यस्थों से कहा है कि किसी भी संघर्ष-विराम समझौते में लेबनान को भी शामिल किया जाना अनिवार्य है साथ ही अपनी 5 सूत्रीय शर्त भी रख दिया –

  1. हमलों पर पूरा रोक : ईरान में सभी आक्रामक हमले और हत्याएं तुरंत बंद की जाएं।
  2. सुरक्षा की गारंटी : भविष्य में युद्ध दोबारा न थोपे जाने की ठोस और सत्यापित गारंटी दी जाए।
  3. युद्ध मुआवजे का भुगतान : युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई (मुआवजा) सुनिश्चित की जाए।
  4. क्षेत्रीय मोर्चों पर शांति : सभी क्षेत्रीय मोर्चों पर युद्ध समाप्त हो, जिसमें प्रतिरोध समूहों (हमास, हूती, हिजबुल्लाह) के खिलाफ कार्रवाई बंद हो।
  5. हॉर्मुज स्ट्रेट पर वर्चस्व : हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के संप्रभु अधिकार और नियंत्रण को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिले।

ट्रम्प का प्रस्ताव खारिज : बातचीत के रास्ते खुले हैं
बातचीत को लेकर ईरान के बयानों का लहजा ट्रंप के बयानों से अलग रहा है। ईरान के सरकारी मीडिया ने गुरुवार को इससे पहले बताया था कि तेहरान ने व्हाइट हाउस के 15-सूत्रीय संघर्ष-विराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। लेकिन ईरानी रिपोर्ट में बातचीत के पूरी तरह से टूट जाने का कोई संकेत नहीं था, जिससे इस बात की गुंजाइश बनी हुई है कि वॉशिंगटन कोई अगला प्रस्ताव पेश कर सकता है।


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